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Bihar News: 16 हजार की रिश्वत में फंसे मुखिया! निगरानी टीम ने रंगे हाथ दबोचा, 7 करोड़ गबन का भी रहा है आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Tue, 10 Mar 2026 06:26 PM IST
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सार

सीतामढ़ी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रुन्नीसैदपुर प्रखंड की कौड़िया लालपुर पंचायत के मुखिया अवधेश साह को 16 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

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मुखिया अवधेश साह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

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सीतामढ़ी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है। विभाग की टीम ने रुन्नीसैदपुर प्रखंड की कौड़िया लालपुर पंचायत के मुखिया अवधेश साह को 16,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले के डुमरा इलाके में की गई, जहां मुखिया एक योजना में कमीशन के तौर पर घूस की राशि स्वीकार कर रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुखिया अवधेश साह ने मानदेय भुगतान और पंचायत की विभिन्न विकास योजनाओं में काम कराने के एवज में कुल 20,000 रुपये की मांग की थी। काफी मान-मनौव्वल के बाद यह रकम 16,000 रुपये पर तय हुई, जिसके बाद निगरानी विभाग ने जाल बिछाकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।

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वार्ड सदस्य की शिकायत पर बिछाया गया जाल

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब वार्ड सदस्य अजय पासवान ने मुखिया की अवैध मांग से परेशान होकर निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि पंचायत की योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने और मानदेय भुगतान के लिए मुखिया लगातार कमीशन की मांग कर रहे थे। निगरानी विभाग ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद एक विशेष टीम का गठन किया। जैसे ही मुखिया अवधेश साह ने डुमरा में रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली, पहले से घात लगाए बैठी निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

विवादों से पुराना नाता, 7 करोड़ के गबन का भी आरोप

मुखिया अवधेश साह का विवादों से पुराना संबंध रहा है और वे क्षेत्र में कथित कमीशनखोरी के लिए पहले से चर्चा में रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उन पर पहले भी करीब 7 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का गंभीर आरोप लग चुका है।

इस बड़े घोटाले के मामले में उन्हें हाल ही में पटना हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। जेल से बाहर आने के कुछ ही समय बाद फिर से रिश्वत लेते पकड़े जाने से उनके प्रशासनिक आचरण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार पंचायत में उनके रसूख और भ्रष्टाचार की चर्चाएं लंबे समय से होती रही हैं।

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ जारी, प्रशासन में हलचल

गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी मुखिया को अपने साथ पटना ले गई है, जहां उनसे सघन पूछताछ की जा रही है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इस कमीशनखोरी के मामले में प्रखंड स्तर के अन्य अधिकारी या बिचौलिए भी शामिल हैं या नहीं। इस कार्रवाई के बाद सीतामढ़ी के प्रशासनिक गलियारों और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के बीच भी हलचल तेज हो गई है। निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, इस कार्रवाई को जिले में सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

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