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बिहार : एनडीए की बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने किसे-क्या दे डाली चेतावनी? अनंत और RLM विधायकों का रुख क्या रहा
Fri, 09 Oct 2026 06:09 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Fri, 09 Oct 2026 06:09 PM IST
सार
MLC Election Bihar : बिहार में राजनीतिक गहमागहमी इस समय सबसे ज्यादा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अंदर दिख रही है। यही कारण है कि एनडीए विभिन्न स्तर पर बैठकें कर रहा है। अभी कुछ देर पहले सीएम ने 45 मिनट की बैठक में खरी-सीधी बात कह दी।
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में करीब 45 मिनट तक चली इस बैठक में सभी आठ सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने गठबंधन के प्रमुख नेताओं, मंत्रियों और विधायकों से एकजुट होकर चुनाव में काम करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां भी आपसी विवाद है, उसे मिल-बैठकर सुलझा लिया जाए, क्योंकि इस चुनाव में गठबंधन की एकता सबसे अहम होगी। इसके साथ ही उन्हाेंने बगैर नाम लिए चेतावनी भरे शब्द भी कह दिए।
सम्राट चौधरी ने कहा- आठों सीटों पर जीत सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं से आठों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी नेता और विधायक अपने-अपने स्तर पर चुनाव में जुट जाएं। जहां भी किसी तरह का विवाद है, उसे आपसी बातचीत से दूर किया जाए। मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए संकेतों में यह संदेश भी दिया कि व्यक्तिगत मतभेद गठबंधन की चुनावी रणनीति पर भारी नहीं पड़ने चाहिए। उन्होंने एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि एनडीए के सभी उम्मीदवारों को जिताने के लिए गठबंधन के नेता मिलकर प्रयास करें।
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अनंत सिंह बोले- नीरज कुमार का समर्थन किसी कीमत पर नहीं
बैठक से पहले विधायक अनंत सिंह ने अपने रुख में बदलाव के संकेत नहीं दिए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह किसी भी कीमत पर नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे। उनका समर्थन जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के साथ था और आगे भी रहेगा। अनंत सिंह ने कहा कि वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने जो निर्णय लिया है, उस पर अडिग हैं। उनके इस बयान से साफ है कि मुख्यमंत्री की ओर से एकजुटता की अपील के बावजूद नीरज कुमार को लेकर उनका विरोध कायम है। अनंत सिंह के इस रुख से पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में एनडीए की रणनीति को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। एक तरफ गठबंधन सभी आठ सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर उसके ही एक विधायक का जदयू उम्मीदवार के खिलाफ खुलकर सामने आना चुनौती बना हुआ है।
नीरज कुमार बोले- मुख्यमंत्री से ऊपर एनडीए में कोई नहीं
जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार ने बैठक को सामान्य बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एमएलसी चुनाव को लेकर दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए में मुख्यमंत्री से ऊपर कोई नहीं है और उनके निर्देश के अनुसार सभी को काम करना चाहिए। जदयू में अपनी उम्मीदवारी को लेकर नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी में नीतीश कुमार ने उन्हें जिम्मेदारी दी है और टिकट दिया है। वह अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी के विरोध करने या नहीं करने से उन्हें फर्क नहीं पड़ता। नीरज कुमार ने अनंत सिंह और जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अनंत सिंह अब प्रशांत किशोर के लिए काम कर रहे हैं और उनकी पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन कर जदयू को हराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा और पढ़े-लिखे मतदाता जानते हैं कि किसने क्या काम किया है। उनके अनुसार, वे लोग सड़क पर काम करने वाले हैं, एसी में बैठकर राजनीति करने वाले नहीं।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायकों को लेकर भी चर्चा
बैठक में गठबंधन के भीतर मतभेद दूर करने और सभी घटक दलों को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया। हालांकि राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन विधायक इस बैठक में शामिल नहीं आए। इससे यह स्पष्ट हो गया कि यह सारण के निर्दलीय उम्मीदवार का ही साथ देंगे। हालांकि एनडीए के कुछ नेताओं ने कहा कि अब इस मामले में कोई उलझन नहीं है और गठबंधन के भीतर स्थिति सामान्य है। हालांकि, नेताओं के इन दावों के बावजूद अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच का विवाद अब भी कायम है। मुख्यमंत्री की अपील के बाद गठबंधन के अन्य मतभेद दूर होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पटना स्नातक सीट पर समर्थन को लेकर अनंत सिंह का रुख बदलता नहीं दिख रहा है।
आठों सीटों पर जीत की चुनौती
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव में एनडीए नेतृत्व का जोर गठबंधन के सभी दलों को एकजुट रखने पर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ संदेश दिया है कि सभी नेता उम्मीदवारों की जीत के लिए मिलकर काम करें और आपसी विवादों को चुनावी अभियान में बाधा न बनने दें। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री की इस अपील का गठबंधन के भीतर चल रहे मतभेदों पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल, एनडीए नेताओं की ओर से एकजुटता के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच जारी टकराव एक बार फिर से सियासत गरमा गई है।
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बैठक के बाद एनडीए नेताओं ने इसे सामान्य बैठक बताया और कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी को चुनाव में गठबंधन के उम्मीदवारों की जीत के लिए जुटने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर, बैठक से पहले विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार को समर्थन देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अपने फैसले पर अडिग हैं और किसी भी कीमत पर नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे। ऐसे में बैठक के बाद भी अनंत सिंह और जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच का विवाद सुलझता नहीं दिख रहा है। हालांकि, बैठक के बाद नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चुनाव को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। सभी को एनडीए उम्मीदवारों की जीत के लिए काम करने को कहा गया है।
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सम्राट चौधरी ने कहा- आठों सीटों पर जीत सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं से आठों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी नेता और विधायक अपने-अपने स्तर पर चुनाव में जुट जाएं। जहां भी किसी तरह का विवाद है, उसे आपसी बातचीत से दूर किया जाए। मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए संकेतों में यह संदेश भी दिया कि व्यक्तिगत मतभेद गठबंधन की चुनावी रणनीति पर भारी नहीं पड़ने चाहिए। उन्होंने एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि एनडीए के सभी उम्मीदवारों को जिताने के लिए गठबंधन के नेता मिलकर प्रयास करें।
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अनंत सिंह बोले- नीरज कुमार का समर्थन किसी कीमत पर नहीं
बैठक से पहले विधायक अनंत सिंह ने अपने रुख में बदलाव के संकेत नहीं दिए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह किसी भी कीमत पर नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे। उनका समर्थन जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के साथ था और आगे भी रहेगा। अनंत सिंह ने कहा कि वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने जो निर्णय लिया है, उस पर अडिग हैं। उनके इस बयान से साफ है कि मुख्यमंत्री की ओर से एकजुटता की अपील के बावजूद नीरज कुमार को लेकर उनका विरोध कायम है। अनंत सिंह के इस रुख से पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में एनडीए की रणनीति को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। एक तरफ गठबंधन सभी आठ सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर उसके ही एक विधायक का जदयू उम्मीदवार के खिलाफ खुलकर सामने आना चुनौती बना हुआ है।
नीरज कुमार बोले- मुख्यमंत्री से ऊपर एनडीए में कोई नहीं
जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार ने बैठक को सामान्य बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एमएलसी चुनाव को लेकर दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए में मुख्यमंत्री से ऊपर कोई नहीं है और उनके निर्देश के अनुसार सभी को काम करना चाहिए। जदयू में अपनी उम्मीदवारी को लेकर नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी में नीतीश कुमार ने उन्हें जिम्मेदारी दी है और टिकट दिया है। वह अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी के विरोध करने या नहीं करने से उन्हें फर्क नहीं पड़ता। नीरज कुमार ने अनंत सिंह और जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अनंत सिंह अब प्रशांत किशोर के लिए काम कर रहे हैं और उनकी पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन कर जदयू को हराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा और पढ़े-लिखे मतदाता जानते हैं कि किसने क्या काम किया है। उनके अनुसार, वे लोग सड़क पर काम करने वाले हैं, एसी में बैठकर राजनीति करने वाले नहीं।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायकों को लेकर भी चर्चा
बैठक में गठबंधन के भीतर मतभेद दूर करने और सभी घटक दलों को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया। हालांकि राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन विधायक इस बैठक में शामिल नहीं आए। इससे यह स्पष्ट हो गया कि यह सारण के निर्दलीय उम्मीदवार का ही साथ देंगे। हालांकि एनडीए के कुछ नेताओं ने कहा कि अब इस मामले में कोई उलझन नहीं है और गठबंधन के भीतर स्थिति सामान्य है। हालांकि, नेताओं के इन दावों के बावजूद अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच का विवाद अब भी कायम है। मुख्यमंत्री की अपील के बाद गठबंधन के अन्य मतभेद दूर होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पटना स्नातक सीट पर समर्थन को लेकर अनंत सिंह का रुख बदलता नहीं दिख रहा है।
आठों सीटों पर जीत की चुनौती
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव में एनडीए नेतृत्व का जोर गठबंधन के सभी दलों को एकजुट रखने पर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ संदेश दिया है कि सभी नेता उम्मीदवारों की जीत के लिए मिलकर काम करें और आपसी विवादों को चुनावी अभियान में बाधा न बनने दें। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री की इस अपील का गठबंधन के भीतर चल रहे मतभेदों पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल, एनडीए नेताओं की ओर से एकजुटता के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच जारी टकराव एक बार फिर से सियासत गरमा गई है।