Bihar: तेज प्रताप फिर बनेंगे 'माननीय' या नहीं? बिहार विधान परिषद् चुनाव की 10 सीटों पर जातीय गणित में ही खेल
Bihar Politics : बिहार की राजनीति में अगले महीने कई रंग दिखेंगे। उनकी छाप अब दिखने लगी है। बिहार विधान परिषद् में कौन-सा दल किसे मौका देने जा रहा है, यह तस्वीर जैसे-जैसे साफ हो रही है, रोचक कहानियां सामने आती जा रही हैं। ताजा गणित समझिए...
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बिहार विधान परिषद़ चुनाव को लेकर मंथन जारी है। नौ सीटें खाली हो रही हैं। वहीं एक सीट पर नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के कारण उपचुनाव होना है। यानी 10 सीट पर चुनाव होना है। कुछ सीटों पर उम्मीदवार के नाम लगभग फाइनल हो गए हैं। कुछ पर मंथन जारी है। महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल को एक सीट पर ही उम्मीदवार देना है। वहीं बाकी नौ सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को उम्मीदवार देना है। राज्यसभा गए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का विधान परिषद् जाना तय माना जा रहा है। इन दोनों के बाद अब एनडीए के पास सात सीट बचते है। आइये जानते हैं किस जाति से किस उम्मीदवार का नाम आगे चल रहा? सबसे चर्चित नाम जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव का क्या होगा?
दरअसल, नौ सीट में चार सीट फिलहाल जनता दल यूनाईटेड के पास है। जदयू से गुलाम गौस, भीष्म सहनी, कुमुद वर्मा, और श्रीभगवान सिंह कुशवाहा का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है। भाजपा से दो सीट में एक सीट से सम्राट चौधरी विधान परिषद् सदस्य बने थे। लेकिन, उनके विधानसभा जाने के बाद से यह सीट खाली है। इनके अलावा दूसरी सीट से संजय मयूख विधान परिषद् भेजे गए थे। उनका कार्यकाल भी 28 जून को ही खत्म हो रहा। बाकी के तीन सीट महागठबंधन के पास है। राजद से मो. फारूक और सुनील कुमार सिंह की विधान परिषद की सदस्यता समाप्त हो रही है। वहीं कांग्रेस के डॉ. समीर कुमार सिंह का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है।
तेज प्रताप यादव का क्या होगा?
विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद इस बार राजद और कांग्रेस का विधान परिषद् में एक-एक सीटों पर घाटा हो रहा है। राजद की एक सीट पर तेज प्रताप यादव को विधान परिषद् भेजने की चर्चा चल रही है। तेज प्रताप दो दिन पहले अपने भतीजे की बर्थडे पार्टी में नोएडा गए थे। वहां वह तेजस्वी यादव और लालू परिवार के साथ दिखे। सूत्र बता रहे हैं कि लालू तेज प्रताप को विधान परिषद् भेजना चाहते हैं लेकिन तेजस्वी इस पर पार्टी को प्राथमिकता देना चाहते हैं। अब एक सीट पर तेजस्वी यादव किसे चुनाव लड़वाते हैं? यह उनके लिए चुनौती होगी। क्योंकि राज्यसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने विधान परिषद् की एक सीट चाहत में आकर ही महागठबंधन को वोट दिया था। सुनील सिंह राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई भी हैं और राजपूत जाति से आते हैं। वह लालू परिवार के काफी करीबी भी हैं। अब देखना यह होगा कि तेजस्वी यादव राजद से किसी को भेजते हैं या एआईएमआईएम के साथ अपना वादा निभाते हैं।
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एनडीए में किस जाति से किस उम्मीदवार के नाम की चर्चा?
जनता दल यूनाईटेड में कुर्मी जाति से निशांत कुमार, कोईरी से राजीव कुमार सिंह, अति पिछड़ा समाज से आने वाले ललन मंडल और अल्पसंख्यक समाज से आने वाले गुलाम रसूल बलियावी के नाम की चर्चा विधान परिषद् प्रत्याशी के रूप में सबसे ज्यादा चल रही है। वहीं भाजपा से कायस्थ जाति से आने वाले संजय मयूख, राजपूत जाति से आनी वाल अमृता भूषण, कुर्मी जाति से आने वाले प्रेम रंजन पटेल, वैश्य समाज से आने वाले सिद्धार्थ शंभू, अमरनाथ गामी समेत कुछ नामों पर चर्चा चल रही है। वहीं कोईरी जाति से आने वाले दीपक प्रकाश भी भाजपा को मिलने वाली राजद कोटे की सीट पर दावेदार हैं। उनका एमएलसी बनना लगभग तय है।
चिराग अपने भतीजे को एमएलसी बनाना चाहते हैं!
भारतीय जनता पार्टी के अनुसार, कुछ उम्मीदवारों ने नाम का चयन कर आलाकमान को भेज दिया गया है। वहां से ही अंतिम मुहर लगेगी। इधर, चर्चा यह भी है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी भी एक सीट पर अपनी पार्टी से किसी खास को विधान परिषद् भेजना चाहते हैं। लोजपा (रा.) से चिराग पासवान के भतीजे सीमांत मृणाल के नाम भी खूब चर्चा हो रही है। हालांकि चिराग की पार्टी की ओर से इस बारे में अब तक कुछ भी नहीं कहा गया है।
जानिए कब होगा एलएलसी चुनाव?
निर्वाचन आयोग के अनुसार, 18 जून को मतदान होगा। इसी दिन रिजल्ट भी जाएगा। एक जून को बिहार परिषद् चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, आठ जून को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। वहीं नौ जून तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 11 जून तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकते हैं। मतदान और मतगणना 18 जून को होगी।