Bihar Politics: 40 दिन बाद विदेश से लौटे तेजस्वी 100 दिन दिन मौन क्यों रहेंगे? भाजपा-जदयू ने बताई यह वजह
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के पटना लौटते ही बिहार का सियासी पारा गरमा गया है। उनके 100 दिन तक मौन रहने के बयान पर अब भाजपा और जदयू ने प्रतिक्रिया दी है। आइए जानते हैं किसने क्या कहा?
विस्तार
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 40 दिन बाद आखिरकार पटना लौट ही गए। विदेश से आने वह दिल्ली लौटे। उसके बाद पटना आएं। यहां आते ही उन्होंने जो कहा, वह चौंकाने वाला है। तेजस्वी यादव ने कहा कि अभी 100 दिन तक वह कुछ नहीं बोलेंगे। उन्होंने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि नीतीश सरकार के गठन के बाद पहले 100 दिनों के दौरान उनकी नीतियों और फसलों पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे यह समय नीति सरकार को कम करने और अपने इरादों को दिखाने का है इसलिए अब वह संयम बरतेंगे। 100 दिनों के बाद ही वह कुछ कहेंगे।
तेजस्वी ने कहा- धोखे से हासिल की जीत
तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को चुनाव से पहले किए वादों की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि वह अपने घोषणा पत्र में किए वादों को हर हाल में पूरा करें। तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें पता है कि किस तरह की साजिश रची गई थी और चुनाव में धोखे व कथित फ्रॉड के जरिए जीत हासिल की गई। उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार कैसे बनी, यह सभी जानते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे इस मुद्दे पर आगे कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।
जानिए भाजपा और जदयू ने क्या कहा?
इधर तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार में सियासत तेज हो गई है भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड ने उन पर जमकर हमला बोला। दोनों पार्टियों ने स्पष्ट कहा कि तेजस्वी यादव के पास बोलने के लिए अब कुछ नहीं बचा है इसलिए वह चुप रहेंगे। चूंकि लालू परिवार पर कोर्ट में आरोप तय हो गए हैं। तेजस्वी यादव अपने परिवार के साथ जल्द ही जेल जाने वाले हैं तेजस्वी जनता से नजर नहीं मिल पा रहे हैं। इसलिए अब 100 दिन तक चुप रहने की बात कह रहे हैं।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष बोले- हार को पचा नहीं पा रहे
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने रविवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि चुनावी जनादेश पर सवाल उठाकर वे न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास जता रहे हैं, बल्कि बिहार की जनता का भी अपमान कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि असल में तेजस्वी यादव अब तक अपनी करारी चुनावी हार को पचा नहीं पाए हैं। इसी हताशा और झुंझलाहट के कारण वे अब जनता के फैसले पर भी प्रश्नचिह्न लगाने के विफल प्रयास में जुटे हुए हैं। अपनी राजनीतिक नाकामियों और असफलताओं को छिपाने के लिए तेजस्वी यादव अब चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता बोले- पहले जनता से मांगे माफी
भाजपा प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव और उनके परिवार पर कोर्ट ने जो धारा लगाया है, जिस तरह के शब्दों का प्रयोग किया, पहले उसका जवाब दें। इसके बाद बिहार की जनता से माफी मांगे। जो पाप किया है पहले उसका प्रायश्चित करें। पहले अपने और पिता के कारनामों के लिए जनता से माफी मांगे। समीक्षा करें। तब जाकर नीतीश कुमार के कामों का आकलन करें।