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Bihar: महज चार साल में जर्जर हुआ NH-30A का सिकंदरपुर पुल, बड़े गड्ढों से हादसे का खतरा; गुणवत्ता पर उठे सवाल
Mon, 10 Aug 2026 06:57 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 06:57 PM IST
सार
Bihar News: पटना के बाढ़ अनुमंडल से गुजरने वाले NH-30A पर सिकंदरपुर पुल की हालत निर्माण के करीब चार साल बाद ही खराब हो गई है। पुल के दोनों ओर साइड स्लोप में बड़े गड्ढे बन गए हैं, जबकि एक्सपेंशन ज्वाइंट में गैपिंग और क्रैश बैरियर में दरारें दिखाई दे रही हैं।
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जर्जर हाल में पुल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बाढ़ अनुमंडल से होकर गुजरने वाले NH-30A पर सिकंदरपुर पुल की हालत महज चार साल में ही जर्जर हो गई है। पुल के दोनों ओर साइड स्लोप में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के कारण मिट्टी धंसने से ये गड्ढे लगातार गहरे होते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इनमें भारी वाहन तक समा सकते हैं। ऐसे में पुल के किनारे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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चार साल में ही उठे गुणवत्ता पर सवाल
वर्ष 2022 में करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़-हरनौत-फतुहा नेशनल हाईवे-30A के टू-लेन अपग्रेडेशन का निर्माण कार्य पूरा हुआ था। निर्माण पूरा हुए अभी करीब चार साल ही हुए हैं, लेकिन सिकंदरपुर पुल पर सड़क और पुल की स्थिति को देखकर निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं।
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बारिश में गहरे हो रहे गड्ढे, वाहन चालकों पर मंडरा रहा खतरा
सिकंदरपुर पुल से सटे दोनों तरफ के साइड स्लोप में कई जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दौरान मिट्टी धंसने से इनकी गहराई बढ़ रही है। पुल के किनारे बने ये गड्ढे वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। खासकर रात या तेज बारिश के दौरान दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। ग्रामीणों और वाहन चालकों ने संबंधित विभाग से तत्काल मरम्मत और सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
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एक्सपेंशन ज्वाइंट में गैपिंग, क्रैश बैरियर में पड़ी दरारें
पुल पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही का असर एक्सपेंशन ज्वाइंट पर भी दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि एनटीपीसी की फ्लाई ऐश लेकर चलने वाले हाइवा और अन्य भारी वाहनों के कारण एक्सपेंशन ज्वाइंट में काफी गैपिंग आ गई है। वहीं, क्रैश बैरियर के ज्वाइंट वाले हिस्सों में बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं। कई अन्य स्थानों पर भी क्रैश बैरियर क्षतिग्रस्त है।
मेंटेनेंस की जिम्मेदारी, फिर भी समय पर नहीं हुई मरम्मत
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के बाद पुल और सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी की है, लेकिन समय रहते क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत नहीं कराई गई। लोगों का कहना है कि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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अधिकारियों से मांगा पक्ष, खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं
मामले को लेकर बाढ़ एसडीओ, पटना डीएम और एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर पक्ष जानने का प्रयास किया गया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी अधिकारी की ओर से जवाब नहीं मिला था। अधिकारियों का जवाब मिलने पर उसे खबर में शामिल किया जाएगा।