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Bihar News: हाजिरी नहीं तो वेतन नहीं! 42 में 41 की सैलरी रुकी, एक ही डॉक्टर निकला नियमित
Tue, 11 Aug 2026 07:45 AM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 07:45 AM IST
सार
नालंदा सदर अस्पताल में बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं करने और अनियमित उपस्थिति को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जुलाई महीने में अस्पताल के 42 डॉक्टरों में से 21 ने एक बार भी बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं की, जबकि आठ डॉक्टरों की उपस्थिति भी अनियमित रही।
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नालंदा सदर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही पर गिरी गाज,
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सदर अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी से गैरहाजिरी और समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने की शिकायतों के बीच प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी उदिता सिंह के निर्देश के बावजूद जुलाई महीने में डॉक्टरों ने बायोमेट्रिक हाजिरी को गंभीरता से नहीं लिया। इसका नतीजा यह हुआ कि अस्पताल में तैनात 42 डॉक्टरों में से 41 के जुलाई महीने के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है। केवल अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन का वेतन जारी किया गया है, क्योंकि उन्होंने नियमित रूप से बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज की।
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21 डॉक्टरों ने जुलाई में एक बार भी नहीं लगाई बायोमेट्रिक हाजिरी
अस्पताल प्रशासन से मिले आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में तैनात 42 डॉक्टरों में से 21 डॉक्टरों ने बायोमेट्रिक मशीन पर एक बार भी अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। वहीं, आठ डॉक्टरों ने मशीन का इस्तेमाल किया, लेकिन उनकी उपस्थिति नियमित नहीं रही।
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डॉक्टरों के आने-जाने का डिजिटल और प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 41 डॉक्टरों का वेतन रोक दिया। नियमित रूप से बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज करने वाले अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन को ही जुलाई का वेतन मिला है। बाकी डॉक्टरों की उपस्थिति अब भी पुराने रजिस्टर के भरोसे दर्ज हो रही थी।
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26 जून के निरीक्षण के बाद अनिवार्य की गई थी बायोमेट्रिक हाजिरी
डॉक्टरों की बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य करने का फैसला 26 जून को हुए औचक निरीक्षण के बाद लिया गया था। मोहर्रम के दिन गोली लगने से घायल एक युवक को सदर अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद तत्कालीन डीडीसी रंजन कुमार चौधरी के नेतृत्व में अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया था।
आपात स्थिति के बावजूद निरीक्षण टीम को 21 डॉक्टर ड्यूटी से अनुपस्थित मिले थे। इस पर डीएम उदिता सिंह ने नाराजगी जताते हुए अनुपस्थित डॉक्टरों के वेतन में कटौती का आदेश दिया था। साथ ही भविष्य में सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई थी।
इन 8 डॉक्टरों ने बायोमेट्रिक मशीन पर दर्ज की उपस्थिति
जुलाई में बायोमेट्रिक मशीन का इस्तेमाल करने वाले डॉक्टरों में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन के अलावा डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. नीतू सहाय, डॉ. प्रशांत, डॉ. संगीता वर्मा, डॉ. पावेल और डॉ. त्रिशला शामिल हैं। हालांकि, इनमें से अधिकांश डॉक्टरों की बायोमेट्रिक उपस्थिति नियमित नहीं रही।
सिविल सर्जन ने दी सख्त चेतावनी
सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह ने कहा कि सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य है। इससे अस्पताल में कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित और पारदर्शी निगरानी की जा सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो डॉक्टर और कर्मचारी नियम के अनुसार बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सदर अस्पताल के डॉक्टरों के बीच हड़कंप की स्थिति है।