Bihar: कस्तूरबा विद्यालय में छात्रा के साथ अमानवीय व्यवहार, खौलते दूध से झुलसी बच्ची पर लगाया नमक
पटना जिले के पंडारक स्थित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में छठी कक्षा की छात्रा सुहानी कुमारी के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि किचेन मेड ने बच्ची से खौलते दूध का बर्तन उठवाया और पीछे से धक्का दे दिया, जिससे गर्म दूध उसके चेहरे और गर्दन पर गिर गया।
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पटना जिले के पंडारक ब्लॉक स्थित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय से एक बेहद शर्मनाक और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां छठी कक्षा में पढ़ने वाली एक मासूम छात्रा के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया। आरोप है कि स्कूल की किचेन मेड ने बच्ची से खौलते दूध का बर्तन उठवाया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। इतना ही नहीं, जले हुए घाव पर नमक और हल्दी लगाने का भी आरोप लगा है। घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और थाने में शिकायत देकर न्याय की मांग की है।
खौलते दूध से झुलसी छात्रा
जानकारी के अनुसार, छठी कक्षा की छात्रा सुहानी कुमारी से स्कूल की किचेन मेड ने चूल्हे से खौलते दूध का बर्तन बाहर ले जाने के लिए कहा। सुहानी का आरोप है कि जब वह गर्म दूध का बर्तन उठाकर जा रही थी, तभी मेड ने गुस्से में पीछे से धक्का दे दिया। अचानक धक्का लगने से वह गिर गई और खौलता दूध उसके चेहरे और गर्दन पर गिर गया। इस हादसे में उसकी गर्दन और चेहरा बुरी तरह झुलस गया।
जले पर लगाया नमक और हल्दी
घटना के बाद बच्ची दर्द से चीखने लगी तो स्कूल के कुछ स्टाफ वहां पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल ले जाने के बजाय जले हुए हिस्से पर नमक और हल्दी लगा दिया गया। स्टाफ का कहना था कि इससे फफोले नहीं पड़ेंगे। लेकिन नमक लगते ही बच्ची दर्द से और ज्यादा कराहने लगी। इसके बावजूद उसे इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले जाया गया और करीब 24 घंटे तक हॉस्टल में ही रखा गया।
मां को बच्ची से मिलने से रोका
बच्ची की हालत बिगड़ने लगी तो उसकी मां स्कूल पहुंची। आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने उन्हें पुलिस बुलाने की धमकी देकर बच्ची से मिलने तक नहीं दिया। बाद में परिजनों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद बच्ची का इलाज कराया गया। छात्रा ने स्कूल प्रशासन पर और भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि हॉस्टल में रहने वाली बच्चियों से बाथरूम साफ कराया जाता है और स्कूल में झाड़ू-पोछा भी लगवाया जाता है। इतना ही नहीं, बच्चियों से किचेन में रोटी बेलने और दूसरे काम भी कराए जाते हैं। छात्रा का आरोप है कि अगर कोई बच्ची बाथरूम साफ करने से मना करती है तो उसके साथ मारपीट की जाती है।
गुरुवार को थाने पहुंचे परिजन
यह घटना मंगलवार की बताई जा रही है, लेकिन बुधवार को परिजनों को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद गुरुवार शाम बच्ची और उसके परिजन थाने पहुंचे और आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश है और स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।