Bihar: मंत्री निशांत ने बताया- संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए क्या कर रहे? चमकी बुखार को लेकर ऐसा कहा
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि चमकी बुखार की रोकथाम एवं उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। प्रभावित जिलों में विशेष निगरानी, अस्पतालों में बेड, दवा एवं एम्बुलेंस की समुचित व्यवस्था करवाई गई है।
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बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार बिहार में मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों, विशेषकर एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES/चमकी बुखार) की रोकथाम एवं उपचार को लेकर पूरी गंभीरता एवं सतर्कता के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं तथा मरीजों को त्वरित एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराने हेतु व्यापक एवं विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि एईएस से अत्यधिक प्रभावित 15 जिलों में 10 बेड वाले पीआईसीयू (PICU) वार्ड स्थापित किए गए हैं। वहीं, मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच में 100 बेड वाले अत्याधुनिक पीआईसीयू वार्ड की व्यवस्था की गई है, ताकि गंभीर मरीजों को त्वरित एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके अतिरिक्त अत्यधिक प्रभावित 15 जिलों को छोड़कर अन्य जिलों के सभी जिला अस्पतालों में 5 तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में दो डेडिकेटेड बेड आरक्षित रखे गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गर्मी एवं उमस के मौसम को देखते हुए पूरे राज्य, विशेषकर पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी एवं शिवहर जिलों में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में कार्य कर रहा है। एईएस और चमकी बुखार की रोकथाम, समय पर पहचान एवं त्वरित उपचार के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया लागू की गई है। मुजफ्फरपुर सहित प्रभावित जिलों में चिकित्सा महाविद्यालयों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, HWC स्तर तक एईएस/जेई के नोडल पदाधिकारियों को चिन्हित किया गया है तथा विशेष वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने का निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि प्रभावित जिलों के अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं एवं चिकित्सकीय उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सभी मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पतालों को आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाएं मुफ्त में उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके अलावा मुफ्त जांच, मुफ्त एम्बुलेंस सेवा और मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत एईएस मरीजों के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। चिन्हित 12 प्रभावित जिलों में परिजन के द्वारा अपने निजी वाहन से मरीज को अस्पताल लाने पर नियमानुसार उन्हें तत्काल नगद राशि के भुगतान की भी व्यवस्था की गई है।
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टीकाकरण अभियान लगातार चलाया जा रहा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) का निःशुल्क नियमित टीकाकरण अभियान लगातार चलाया जा रहा है। वहीं, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC) पर टेलीमेडिसिन कार्यक्रम के अंतर्गत टेली कंसल्टेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आशा एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ ग्राम स्तर पर समन्वय स्थापित कर बच्चों में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।