बिहार में चुनाव है : नीतीश कुमार ने अनंत सिंह पर 'काबू' पा लिया? आज JDU के नीरज के नामांकन से पहले दांव
MLC Election Bihar News : जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आखिरी दांव खेल दिया है। इसके बाद भी जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ जदयू विधायक अनंत सिंह की बगावत नहीं खत्म हुई तो बड़ी खबर निकलेगी। आज नीरज का नामांकन है।
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बिहार में 20 साल तक मुख्यमंत्री रहे जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बड़ा दांव खेल दिया है। बिहार विधान परिषद् की स्नातक और शिक्षक सीटों पर चुनावी गरमागरमी के बीच जदयू विधायक अनंत सिंह की बिगड़ी चाल को संभालने के लिए नीतीश कुमार का यह दांव अगर काम नहीं करेगा तो इसके बाद बड़ी खबर ही निकलेगी। फिलहाल, आज जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार पटना में स्नातक सीट से नामांकन करने वाले हैं और उनके खिलाफ जन सुराज प्रत्याशी का समर्थन कर रहे अनंत सिंह को सही राह पर लाने के लिए नीतीश कुमार ने सुबह-सुबह बड़ा दांव खेला है। नीतीश ने सुबह जाकर केंद्रीय मंत्री और जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद भी अनंत सिंह की बगावत पर नियंत्रण नहीं हुआ तो जदयू से बड़ी खबर का निकलना तय है।
अनंत से मिला संकेत, अब नीतीश का यह दांव
जदयू ने पटना स्नातक सीट पर पहले से जीत रहे नीरज कुमार को ही उतारा है। आज नीरज कुमार नामांकन करने वाले हैं। इससे पहले, जन सुराज प्रत्याशी के नामांकन में जदयू के माेकामा विधायक अनंत सिंह न केवल नजर आए, बल्कि रोड शो में भी उतरे। जदयू विधायक अनंत सिंह मोकामा सीट पर चुनाव के समय नीरज कुमार की बगावत का बदला लेने के नजरिए से इस बार उनके धुर विरोधी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इससे जदयू के अंदर ऊहापोह की स्थिति है। अनंत सिंह के तेवर को देखते हुए कई नेता कार्रवाई की मांग कर रहे तो कई समझाने की बात कह रहे।
इस बीच नीजर के नामांकन के एक दिन पहले अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के मनाए जाने पर मानने की बात कह कर एक सकारात्मक संकेत दिया। इसे देखते हुए जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार सोमवार सुबह ललन सिंह से मिलने पहुंचे। ललन सिंह सीधे तौर पर कह चुके हैं कि जदयू में कोई गतिरोध नहीं है, लेकिन दूसरी तरफ यह माना जाता रहा है कि लंबी रणनीति के तहत नीरज के खिलाफ अनंत सिंह को उतारा गया है। इसमें जदयू के शीर्ष स्तर की लड़ाई भी है। ऐसे में ललन सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात का फायदा अनंत सिंह के मैनेज होने के रूप में आना कोई चौंकाने वाली खबर नहीं होगी।
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नीरज के नामांकन पर विपक्ष की भी नजर
महागठबंधन के साथ ही जन सुराज भी नीरज कुमार के नामांकन पर नजर रख रहा है। जदयू और भाजपा की नजर तो है ही। वजह यह कि अगर अनंत सिंह अंत तक नीरज कुमार के खिलाफ ही रहे तो उनके समर्थक नामांकन से लेकर मतदान तक कहीं भी, कभी भी एनडीए के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। इसे देखते हुए प्रशासनिक तैयारी भी है। जन सुराज प्रत्याशी के बाद अब जदयू प्रत्याशी के नामांकन को लेकर प्रशासनिक तंत्र संवेदनशील है।