Bihar: CO गायब, जनता नाराज! फुलवारीशरीफ अंचल कार्यालय का घेराव, 11 अगस्त को बड़े आंदोलन की चेतावनी
पटना के फुलवारीशरीफ अंचल कार्यालय में अंचल अधिकारी की कथित अनुपस्थिति और राजस्व मामलों के लंबित रहने से नाराज ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दाखिल-खारिज, जमाबंदी, भूमि विवाद, परिमार्जन और भूमि मापी जैसे मामलों में देरी का आरोप लगाया।
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पटना जिले के फुलवारीशरीफ अंचल कार्यालय में अंचल अधिकारी (सीओ) की कथित लगातार अनुपस्थिति और राजस्व संबंधी मामलों के लंबित रहने से नाराज ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने गुरुवार को मुखिया रवि कुमार के नेतृत्व में अंचल कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दाखिल-खारिज, जमाबंदी, भूमि विवाद, परिमार्जन और भूमि मापी जैसे मामलों के समय पर निष्पादन की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
राजस्व मामलों में देरी से बढ़ी लोगों की परेशानी
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दाखिल-खारिज, भूमि विवाद, जमाबंदी, परिमार्जन, भूमि मापी समेत अन्य राजस्व मामलों के निष्पादन में लगातार देरी हो रही है। इससे आम लोगों को बार-बार अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रखंड प्रमुख ने उठाए कार्यशैली पर सवाल
प्रखंड प्रमुख ज्योति कुमारी ने कहा कि अंचल कार्यालय में अपने कार्यों के लिए आने वाले लोगों को अंचल अधिकारी के नहीं मिलने के कारण बार-बार लौटना पड़ता है। इससे सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं और लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है।
सहयोग शिविर के आवेदनों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
मुखिया रवि कुमार ने बताया कि 17 जून 2026 को आयोजित सहयोग शिविर में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में प्राप्त आवेदनों का अब तक निष्पादन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि शिविर में 25 भूमिहीन परिवारों के वास पर्चा, 65 लोगों की जमाबंदी, 25 मामलों में परिमार्जन, 15 मामलों में भूमि मापी तथा चार मामलों में खाता संख्या दर्ज कराने के लिए आवेदन दिए गए थे, लेकिन अब तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सभी आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन करने का निर्देश दिया था। आरोप है कि इस संबंध में अंचल अधिकारी से मिलने जाने पर उन्हें उनके कक्ष से बाहर भेज दिया गया।
जनप्रतिनिधियों से नहीं मिलतीं सीओ: आरोप
बीस सूत्री समिति के सदस्य राजू रजक ने आरोप लगाया कि अंचल अधिकारी आम लोगों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि कार्यों के संबंध में बातचीत करने पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दी जाती है।
11 अगस्त को बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि लंबित मामलों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 11 अगस्त को ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ अंचल कार्यालय का व्यापक घेराव किया जाएगा। साथ ही जिलाधिकारी से मांग की गई कि अंचल अधिकारी की मुख्यालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए और सभी लंबित राजस्व मामलों का समयबद्ध निष्पादन कराया जाए।
सीओ ने आरोपों को बताया निराधार
अंचल अधिकारी प्रियंका कुमारी ने प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पदभार ग्रहण करने के बाद से वह चुनाव संबंधी कार्यों में व्यस्त थीं, जिसके कारण अधिकांश समय उसी कार्य में देना पड़ा। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त सभी आवेदनों का नियमानुसार निष्पादन किया जा रहा है तथा लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।