Bihar: देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद दीपक प्रकाश को मिली MLC सीट, राज्यपाल ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन
Deepak Prakash MLC : राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद सदस्य देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद लोकभवन की जिस चिट्ठी का इंतजार था, वह आ गई। उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और राज्य सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश अब विधान परिषद सदस्य मनोनीत कर लिए गए हैं।
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राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को राज्यपाल कोटे से विधान परिषद की सदस्यता मिल गई है। इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। नवंबर 2025 में दीपक प्रकाश पहली बार राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में मंत्री बने थे। अप्रैल 2026 में जब बिहार में भाजपा के मुख्यमंत्री सहित नई सरकार का गठन हुआ तो दीपक प्रकाश दोबारा मंत्री बनाए गए। मंत्री बनने के 6 महीने के अंदर उन्हें किसी सदन का सदस्य का सदस्य बनना था। इस बीच सुप्रीम कोर्ट तक या मामला पहुंच गया, जिसमें नवंबर से ही 6 महीने को गिनकर वह समय पूरा बताया गया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से सवाल पूछा, तो आननफानन मैं भाजपा ने अपने विधान पार्षद देवेश कुमार का इस्तीफा ले लिया और राजभवन को मनोनयन के लिए दीपक प्रकाश के नाम का प्रस्ताव दिया।
बिहार के राज्यपाल की ओर से बुधवार को इस मनोनयन की औपचारिक जानकारी जारी की गई और इसके साथ ही बिहार गजट के असाधारण अंक में इसका प्रकाशन भी कर दिया गया। मतलब तत्काल प्रभाव से दीपक प्रकाश बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। पिछले दिनों बिहार में राज्य विधान परिषद की 9 सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव हुआ था। तब यह माना जा रहा था कि भाजपा कोटे से दीपक प्रकाश को मौका दिया जाएगा। जब दीपक प्रकाश का नाम नहीं घोषित हुआ तो कहां जाने लगा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सब कुछ अच्छा नहीं है। हालांकि, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा लगातार इस बात को कहते रहे कि मंत्री राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने बनाया है और भाजपा को फैसला लेना है, समय पर यह हो जाएगा। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचने के कारण जब सवाल पूछा गया तो राजभवन के मनोनयन के जरिए मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद में प्रवेश मिल गया।
राज्यपाल ने कैबिनेट की सिफारिश पर इस मनोनयन का आदेश जारी किया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 के तहत राज्य की विधान परिषद में राज्यपाल द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन और समाज सेवा से जुड़े विशिष्ट लोगों को मनोनीत किया जाता है। दीपक प्रकाश को समाज सेवा के क्षेत्र से यह मौका दिया गया है।