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Sudhakar Singh : किस काम के लिए देश के पहले सांसद बने सुधाकर सिंह? राजद MP ने दो साल का रिपोर्ट पेश किया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बक्सर
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Fri, 05 Jun 2026 12:19 PM IST
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सार
Bihar News : अब तक सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करती रही है, लेकिन देश में पहली बार किसी सांसद ने अपने 2 साल का रिकॉर्ड कार्ड पेश किया है। सुधाकर सिंह बिहार के बक्सर से राष्ट्रीय जनता दल के सांसद हैं।
सांसद सुधाकर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बक्सर लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने अपने संसदीय कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। दावा किया जा रहा है कि देश में पहली बार किसी सांसद ने अपने दो साल के कार्यकाल का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक कर जनता को अपने कामकाज का हिसाब दिया है।
सांसद ने बक्सर लोकसभा क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जनता के आशीर्वाद, विश्वास और समर्थन की बदौलत उन्हें संसद में क्षेत्र की आवाज उठाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता हमेशा "जनता का सांसद, जनता के लिए संसद में" रही है और उन्होंने लगातार क्षेत्र की समस्याओं, जरूरतों और आकांक्षाओं को संसद के पटल पर मजबूती से उठाया है।
संसद में उठाए बक्सर और बिहार से जुड़े प्रमुख मुद्दे
सुधाकर सिंह ने बताया कि उन्होंने संसद के प्रत्येक सत्र में बक्सर, बिहार और देशहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। इनमें बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे, प्रभु श्रीराम और महर्षि विश्वामित्र के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना, बक्सर में केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग, रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण, ट्रेनों के ठहराव, किसानों की समस्याएं, वक्फ बोर्ड और मक्का अनुसंधान केंद्र की मांग जैसे विषय शामिल रहे। उन्होंने कहा कि संसद के भीतर बक्सर, बिहार और देश के विकास से जुड़े सैकड़ों प्रश्न उठाए गए, जिससे बक्सर की आवाज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची।
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शिक्षा और युवाओं के लिए किए गए कार्य
सांसद ने बताया कि बक्सर केंद्रीय विद्यालय के लिए स्थायी भूमि उपलब्ध कराई गई, जिससे भवन निर्माण का रास्ता साफ हुआ। 560 सीटों वाले अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय को मंजूरी मिली। खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति प्राप्त हुई। इसके अलावा कैमूर में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति मिली और चक्की, केसठ, ब्रह्मपुर, नुआंव तथा सूर्यपुरा में नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना का रास्ता खुला।
सड़क और रेल परियोजनाओं में मिली बड़ी उपलब्धियां
सांसद ने बताया कि ब्रह्मपुर-कोरानसराय-इटाढ़ी-सरेंजा सड़क परियोजना को मंजूरी मिली है। चौसा-कोचस फोरलेन सड़क, इटाढ़ी बाजार फोरलेन और ब्रह्मपुर-नैनिजोर सड़क चौड़ीकरण कार्य को भी स्वीकृति दी गई है। बक्सर-चौसा, रामगढ़, डुमरांव और दावथ बाईपास परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। बक्सर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिए 96 करोड़ रुपये की परियोजना अंतिम चरण में है।
डुमरांव, रघुनाथपुर, टुड़ीगंज और बक्सर में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी दी गई है। बक्सर में गंगा नदी पर एक नए पुल की भी स्वीकृति मिली है। सिमरी-भोजपुर सड़क चौड़ीकरण, बक्सर-कोइलवर बांध सड़क निर्माण और भोजपुर से जनेश्वर पुल होते हुए बलिया तक सड़क निर्माण परियोजना को भी मंजूरी मिली है।
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को बताया ऐतिहासिक परियोजना
सांसद ने कहा कि बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे परियोजना ऐतिहासिक है, जो गंगा के दोनों किनारों को जोड़ने का काम करेगी। लगभग 800 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिली है। पटना के जेपी गंगा पथ को बक्सर तक विस्तार देने की पहल की गई है। दिलदारनगर से भभुआ तक नई रेल लाइन की स्वीकृति मिली है। गंगा नदी पर माल परिवहन के लिए पोर्ट स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।
ऊर्जा और सिंचाई क्षेत्र में हुए विकास कार्य
सुधाकर सिंह ने बताया कि चौसा ताप विद्युत परियोजना का पहला यूनिट शुरू हो चुका है, जबकि दूसरा यूनिट जल्द शुरू होगा। जिले के सभी पावर हाउसों में ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ाई गई है। बक्सर सहित तीन नए पावर हाउस निर्माण के अंतिम चरण में हैं। नावानगर औद्योगिक परिसर को विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) का दर्जा मिला है और वहां नए ग्रिड स्टेशन की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि कोका-कोला और जेपी सीमेंट जैसी बड़ी कंपनियों का निवेश क्षेत्र की संभावनाओं का प्रमाण है। वर्षों से बंद निकृष पंप को दोबारा चालू कराया गया है। नावानगर स्थित कांव नदी पर मलई बराज योजना को मंजूरी मिली है।
64 करोड़ रुपये की लागत से बक्सर, डुमरांव और चौसा नहर प्रणालियों के आधुनिकीकरण का कार्य चल रहा है। जर्जर बिजली तारों को बदला गया है और 200 से अधिक ट्रांसफॉर्मरों का प्रतिस्थापन कराया गया है।
कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास को बढ़ावा
फल और सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मंजूरी मिली है। 65 करोड़ रुपये की लागत से गोकुल जलाशय के जीर्णोद्धार की स्वीकृति दी गई है। इससे मत्स्य पालन, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मोहनिया में डेयरी और दुग्ध उत्पादन संयंत्र के लिए भूमि स्वीकृत हुई है। डुमरांव में गोकुल मिशन के तहत देशी गायों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कार्य शुरू किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सहायता और मेडिकल कॉलेज निर्माण
सांसद ने बताया कि पटना और दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में 1,500 से अधिक जरूरतमंद मरीजों के इलाज और भर्ती में सहायता की गई। उन्होंने कहा कि जनसेवा को राजनीति नहीं बल्कि अपना दायित्व मानते हुए हर संभव मदद की गई है। डुमरांव में बन रहा मेडिकल कॉलेज निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
पर्यटन, खेल और नगर विकास में नई पहल
बक्सर नगर में सीवरेज निर्माण कार्य शुरू किया गया है। महूअर, बक्सर और डुमरांव में एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। बक्सर पर्यटन होटल के नवीनीकरण और नए निर्माण कार्य को मंजूरी मिली है। आईटीआई खेल मैदान में "खेलो इंडिया" योजना के तहत आधुनिक स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
अभी भी कई बड़ी योजनाओं के लिए जारी है प्रयास
सांसद ने बताया कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें डुमरांव-बलिया नई रेल लाइन, बक्सर में नए घाट का निर्माण, दिलदारनगर-भभुआ रेल लाइन का शीघ्र निर्माण, बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे का क्रियान्वयन, ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण, नटवार बाजार बाईपास, सिकरौल राजवाहा क्षेत्र में बॉक्स कलवर्ट निर्माण और नारायणी गंगा हाई स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर शामिल हैं।
इसके अलावा बक्सर-सासाराम राष्ट्रीय राजमार्ग, मोहनिया-रामगढ़-अधौरा-खिलारी सड़क परियोजना, बक्सर-दिनारा-इटाढ़ी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाने, रोहतासगढ़ किला, चौसा युद्धभूमि, रामरेखा घाट और महर्षि विश्वामित्र तपोभूमि के पर्यटन विकास तथा बक्सर में प्रभु श्रीराम और महर्षि विश्वामित्र के नाम पर विश्वविद्यालय एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी प्रयास जारी हैं।
जनता के विश्वास को बताया सबसे बड़ी ताकत
सुधाकर सिंह ने कहा कि बक्सर को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर क्षेत्र बनाने के लिए आने वाले वर्षों में भी विकास की गति जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है और आगे भी क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम करते रहेंगे।
सांसद ने बक्सर लोकसभा क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जनता के आशीर्वाद, विश्वास और समर्थन की बदौलत उन्हें संसद में क्षेत्र की आवाज उठाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता हमेशा "जनता का सांसद, जनता के लिए संसद में" रही है और उन्होंने लगातार क्षेत्र की समस्याओं, जरूरतों और आकांक्षाओं को संसद के पटल पर मजबूती से उठाया है।
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संसद में उठाए बक्सर और बिहार से जुड़े प्रमुख मुद्दे
सुधाकर सिंह ने बताया कि उन्होंने संसद के प्रत्येक सत्र में बक्सर, बिहार और देशहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। इनमें बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे, प्रभु श्रीराम और महर्षि विश्वामित्र के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना, बक्सर में केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग, रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण, ट्रेनों के ठहराव, किसानों की समस्याएं, वक्फ बोर्ड और मक्का अनुसंधान केंद्र की मांग जैसे विषय शामिल रहे। उन्होंने कहा कि संसद के भीतर बक्सर, बिहार और देश के विकास से जुड़े सैकड़ों प्रश्न उठाए गए, जिससे बक्सर की आवाज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची।
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सांसद ने बताया कि बक्सर केंद्रीय विद्यालय के लिए स्थायी भूमि उपलब्ध कराई गई, जिससे भवन निर्माण का रास्ता साफ हुआ। 560 सीटों वाले अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय को मंजूरी मिली। खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति प्राप्त हुई। इसके अलावा कैमूर में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति मिली और चक्की, केसठ, ब्रह्मपुर, नुआंव तथा सूर्यपुरा में नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना का रास्ता खुला।
सड़क और रेल परियोजनाओं में मिली बड़ी उपलब्धियां
सांसद ने बताया कि ब्रह्मपुर-कोरानसराय-इटाढ़ी-सरेंजा सड़क परियोजना को मंजूरी मिली है। चौसा-कोचस फोरलेन सड़क, इटाढ़ी बाजार फोरलेन और ब्रह्मपुर-नैनिजोर सड़क चौड़ीकरण कार्य को भी स्वीकृति दी गई है। बक्सर-चौसा, रामगढ़, डुमरांव और दावथ बाईपास परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। बक्सर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिए 96 करोड़ रुपये की परियोजना अंतिम चरण में है।
डुमरांव, रघुनाथपुर, टुड़ीगंज और बक्सर में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी दी गई है। बक्सर में गंगा नदी पर एक नए पुल की भी स्वीकृति मिली है। सिमरी-भोजपुर सड़क चौड़ीकरण, बक्सर-कोइलवर बांध सड़क निर्माण और भोजपुर से जनेश्वर पुल होते हुए बलिया तक सड़क निर्माण परियोजना को भी मंजूरी मिली है।
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को बताया ऐतिहासिक परियोजना
सांसद ने कहा कि बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे परियोजना ऐतिहासिक है, जो गंगा के दोनों किनारों को जोड़ने का काम करेगी। लगभग 800 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिली है। पटना के जेपी गंगा पथ को बक्सर तक विस्तार देने की पहल की गई है। दिलदारनगर से भभुआ तक नई रेल लाइन की स्वीकृति मिली है। गंगा नदी पर माल परिवहन के लिए पोर्ट स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।
ऊर्जा और सिंचाई क्षेत्र में हुए विकास कार्य
सुधाकर सिंह ने बताया कि चौसा ताप विद्युत परियोजना का पहला यूनिट शुरू हो चुका है, जबकि दूसरा यूनिट जल्द शुरू होगा। जिले के सभी पावर हाउसों में ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ाई गई है। बक्सर सहित तीन नए पावर हाउस निर्माण के अंतिम चरण में हैं। नावानगर औद्योगिक परिसर को विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) का दर्जा मिला है और वहां नए ग्रिड स्टेशन की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि कोका-कोला और जेपी सीमेंट जैसी बड़ी कंपनियों का निवेश क्षेत्र की संभावनाओं का प्रमाण है। वर्षों से बंद निकृष पंप को दोबारा चालू कराया गया है। नावानगर स्थित कांव नदी पर मलई बराज योजना को मंजूरी मिली है।
64 करोड़ रुपये की लागत से बक्सर, डुमरांव और चौसा नहर प्रणालियों के आधुनिकीकरण का कार्य चल रहा है। जर्जर बिजली तारों को बदला गया है और 200 से अधिक ट्रांसफॉर्मरों का प्रतिस्थापन कराया गया है।
कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास को बढ़ावा
फल और सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मंजूरी मिली है। 65 करोड़ रुपये की लागत से गोकुल जलाशय के जीर्णोद्धार की स्वीकृति दी गई है। इससे मत्स्य पालन, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मोहनिया में डेयरी और दुग्ध उत्पादन संयंत्र के लिए भूमि स्वीकृत हुई है। डुमरांव में गोकुल मिशन के तहत देशी गायों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कार्य शुरू किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सहायता और मेडिकल कॉलेज निर्माण
सांसद ने बताया कि पटना और दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में 1,500 से अधिक जरूरतमंद मरीजों के इलाज और भर्ती में सहायता की गई। उन्होंने कहा कि जनसेवा को राजनीति नहीं बल्कि अपना दायित्व मानते हुए हर संभव मदद की गई है। डुमरांव में बन रहा मेडिकल कॉलेज निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
पर्यटन, खेल और नगर विकास में नई पहल
बक्सर नगर में सीवरेज निर्माण कार्य शुरू किया गया है। महूअर, बक्सर और डुमरांव में एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। बक्सर पर्यटन होटल के नवीनीकरण और नए निर्माण कार्य को मंजूरी मिली है। आईटीआई खेल मैदान में "खेलो इंडिया" योजना के तहत आधुनिक स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
अभी भी कई बड़ी योजनाओं के लिए जारी है प्रयास
सांसद ने बताया कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें डुमरांव-बलिया नई रेल लाइन, बक्सर में नए घाट का निर्माण, दिलदारनगर-भभुआ रेल लाइन का शीघ्र निर्माण, बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे का क्रियान्वयन, ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण, नटवार बाजार बाईपास, सिकरौल राजवाहा क्षेत्र में बॉक्स कलवर्ट निर्माण और नारायणी गंगा हाई स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर शामिल हैं।
इसके अलावा बक्सर-सासाराम राष्ट्रीय राजमार्ग, मोहनिया-रामगढ़-अधौरा-खिलारी सड़क परियोजना, बक्सर-दिनारा-इटाढ़ी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाने, रोहतासगढ़ किला, चौसा युद्धभूमि, रामरेखा घाट और महर्षि विश्वामित्र तपोभूमि के पर्यटन विकास तथा बक्सर में प्रभु श्रीराम और महर्षि विश्वामित्र के नाम पर विश्वविद्यालय एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी प्रयास जारी हैं।
जनता के विश्वास को बताया सबसे बड़ी ताकत
सुधाकर सिंह ने कहा कि बक्सर को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर क्षेत्र बनाने के लिए आने वाले वर्षों में भी विकास की गति जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है और आगे भी क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम करते रहेंगे।