Bihar: पूर्णिया के बड़े व्यवसाय और अस्पताल के डायरेक्टर्स की संपत्ति की पड़ताल, 72 घंटे से चल रही जांच
पूर्णिया में पैनोरमा ग्रुप से जुड़े 20 से अधिक ठिकानों पर IT की रेड 72 घंटे से जारी है। संजीव मिश्रा समेत कई दिग्गजों के डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। अरबों की बेनामी संपत्ति और निवेश के स्रोतों की सघन जांच हो रही है।
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बिहार के कोसी-सीमांचल क्षेत्र के सबसे बड़े रियल एस्टेट समूहों में से एक, पैनोरमा ग्रुप पर आयकर विभाग की छापेमारी लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। 72 घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग की टीमें पूर्णिया से लेकर सुपौल तक फैली ग्रुप की संपत्तियों और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। इस लंबी कार्रवाई से पूरे व्यापारिक जगत में खलबली मची हुई है।
आयकर अधिकारियों ने ग्रुप के सीएमडी संजीव मिश्रा और उनके प्रमुख कर्मचारियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप अपने कब्जे में ले लिए हैं। संजीव मिश्रा, जो विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं, फिलहाल ई-होम्स स्थित अपने आवास पर अधिकारियों के घेरे में हैं। पिछले तीन दिनों से उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कटा हुआ है और किसी भी बाहरी व्यक्ति को उनके ठिकानों के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी पूर्णिया के एक स्थानीय होटल में रुके हुए हैं, जहाँ से वे अधीनस्थ अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं और पूरी छापेमारी की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। गुरुवार देर रात तक जिला स्कूल रोड स्थित मुख्यालय और बायपास रोड स्थित पैनोरमा ई-होम्स कार्यालय के बाहर आयकर विभाग की गाड़ियां खड़ी देखी गईं।
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आयकर विभाग की दर्जनों टीमें न केवल कंपनी के वित्तीय लेन-देन, बल्कि जमीन की खरीद-बिक्री के पुराने रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े कागजातों की भी बारीकी से जांच कर रही हैं। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कंपनी के बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश किए गए धन का स्रोत क्या है।तीन दिनों की सघन छापेमारी के बावजूद, आयकर विभाग ने अब तक नकद या बेनामी संपत्ति की बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। माना जा रहा है कि दस्तावेजों का विश्लेषण पूरा होने के बाद ही विभाग विस्तृत जानकारी साझा करेगा।