{"_id":"69f45fdc37904b5c1603f91e","slug":"pothia-block-office-construction-irregularities-kishanganj-bihar-bdo-investigation-poor-quality-work-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: 14 करोड़ के ब्लॉक ऑफिस निर्माण में बड़ा ‘खेल’! घटिया काम पर भड़के ग्रामीण, जांच के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: 14 करोड़ के ब्लॉक ऑफिस निर्माण में बड़ा ‘खेल’! घटिया काम पर भड़के ग्रामीण, जांच के आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Fri, 01 May 2026 01:40 PM IST
विज्ञापन
सार
किशनगंज जिले के पोठिया में ₹14.47 करोड़ की लागत से बन रहे अंचल सह प्रखंड कार्यालय भवन के निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल, निर्माण मानकों की अनदेखी और अधिकारियों की गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं।
पोठिया ब्लॉक ऑफिस निर्माण में अनियमितता के आरोप
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को किशनगंज जिले के पोठिया में खुलेआम चुनौती दी जा रही है। यहां करीब ₹14.47 करोड़ की लागत से बन रहे अंचल सह प्रखंड कार्यालय भवन के निर्माण में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
Trending Videos
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की गैर-मौजूदगी का फायदा उठाकर संवेदक मनमाने तरीके से काम करा रहे हैं और सरकारी पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है। ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंटें बेहद खराब गुणवत्ता की हैं। हालांकि श्याम स्टील के सरिया का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन पिलर में रिंग की दूरी तय मानकों के अनुसार नहीं रखी जा रही है। इससे भवन की मजबूती पर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि निर्माण स्थल पर सूचना पट तक नहीं लगाया गया है, जिससे योजना की जानकारी आम लोगों को नहीं मिल पा रही है। इसे लेकर पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अधिकारियों की भूमिका पर संदेह
आरोप है कि जेई और अन्य विभागीय अधिकारी कभी मौके पर नहीं आते हैं। इसका फायदा उठाकर संवेदक मो. शफीक आलम अपनी मर्जी से काम करवा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों और संवेदक की मिलीभगत से सरकारी राशि की लूट हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ये भी पढ़ें: CM सम्राट की विद्यार्थियों को तोहफा; अनुदान किया डबल, 10 हजार छात्रों की जेब में आएंगे ज्यादा पैसे
बीडीओ ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मोहम्मद आसिफ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत मिली है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि अगर जांच में काम मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो संवेदक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
