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Bihar: आचार संहिता उल्लंघन के मामले में मशरख के विशिष्ट शिक्षक निलंबित, 15 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण की मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Sun, 26 Oct 2025 10:39 PM IST
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सार
Bihar News: इस संबंध में सारण के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाची पदाधिकारी अमन समीर ने जिले के सभी सरकारी कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रत्येक कर्मचारी निष्पक्ष रहे और निष्पक्षता के साथ दिखाई भी दे।
शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के छपरा में एक शिक्षक को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय की बताई जा रही है, जब शिक्षक के राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिलाधिकारी अमन समीर के दिशा- निर्देश पर शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी किया है। साथ ही विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने बताया कि सारण जिले के मशरख प्रखंड़ अंतर्गत घोघिया उत्तर टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में विशिष्ट शिक्षक के पद पर कार्यरत धर्मेन्द्र कुमार सिंह जो बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के रूप में भी तैनात थे, पर एक राजनीतिक दल की जनसभा में भाग लेने का आरोप है। हालांकि सोशल मीडिया साइट्स पर वीडियो और फोटो वायरल होने की पुष्टि बनियापुर विधानसभा क्षेत्र के सहायक निर्वाचन पदाधिकारी- सह- मशरख अंचल के अंचलाधिकारी ने वीडियो और फोटो के आधार पर मामले की पुष्टि की है। इसके बाद मशरक थाने में कांड संख्या- 01/2025, दिनांक 20 अक्टूबर 2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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इस संबंध में सारण के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाची पदाधिकारी अमन समीर ने जिले के सभी सरकारी कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रत्येक कर्मचारी निष्पक्ष रहे और निष्पक्षता के साथ दिखाई भी दे। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि आदर्श आचार संहिता के दौरान किसी भी प्रकार की राजनीतिक संलिप्तता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आवश्यक दिशा- निर्देश देते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगे। आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी सरकारी कर्मचारी को राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति नहीं होती है। इसके बावजूद संबंधित शिक्षक का किसी दल की सभा में उपस्थित होना न केवल आचार संहिता का उल्लंघन माना गया है, बल्कि यह सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली का भी स्पष्ट उल्लंघन है।
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वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने आदेश जारी करते हुए कहा कि धर्मेन्द्र कुमार सिंह का आचरण सरकारी सेवा की गरिमा के प्रतिकूल है। अतः उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई आरंभ की जा रही है। जांच पूरी होने तक निलंबन अवधि में शिक्षा विभाग के नियंत्रण में रहेंगे और नियमानुसार उन्हें निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
हालांकि जिला प्रशासन अब इस तरह के सभी मामलों की बारीकी से निगरानी कर रहा है, ताकि चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन पर सख्त उदाहरण पेश किया जा सके। इस घटना ने शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अपील की गई है कि सरकारी कर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि अपने पद की मर्यादा का पालन करें और राजनीतिक निष्पक्षता बनाए रखें। क्योंकि मशरक के विशिष्ट शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह का मामला जिले में प्रशासन की सख्त निगरानी और आदर्श आचार संहिता के पालन की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।