सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Saran News ›   Bihar Saran Divyanshi made history She become first NDA female cadet to join Indian Air Force major milestone

Bihar: बिहार की बेटी ने रचा इतिहास! भारतीय वायुसेना में बनी पहली पूर्व NDA महिला कैडेट, हासिल किया बड़ा मुकाम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण Published by: सारण ब्यूरो Updated Mon, 15 Jun 2026 12:07 PM IST
विज्ञापन
सार

Bihar: सारण जिले के जवईनिया गांव की दिव्यांशी सिंह भारतीय वायुसेना की ग्राउंड ड्यूटी (लॉजिस्टिक्स) शाखा में कमीशन प्राप्त करने वाली पहली पूर्व NDA महिला कैडेट बनने जा रही हैं। भारतीय वायुसेना में कार्यरत पिता से प्रेरित होकर उन्होंने NDA में प्रवेश लिया और कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।  

Bihar Saran Divyanshi  made history She become first NDA female cadet to join Indian Air Force major milestone
दिव्यांशी को सम्मानित करते रक्षामंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

कहा जाता है कि जब बेटियां अपने सपनों को पंख देती हैं, तो वह केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश का नाम रोशन करती हैं। इस कहावत को सार्थक कर दिखाया है सारण जिले के मढ़ौरा प्रखंड अंतर्गत गौरा थाना क्षेत्र के जवईनिया गांव की बेटी दिव्यांशी सिंह ने, जिन्होंने भारतीय वायुसेना में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर बिहार को गौरवान्वित किया है। दिव्यांशी भारतीय वायुसेना की ग्राउंड ड्यूटी (लॉजिस्टिक्स) शाखा में कमीशन प्राप्त करने वाली पहली पूर्व नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) महिला कैडेट बनने जा रही हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि उन लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।



दिव्यांशी ने बनाया सुनहरा अवसर
दिव्यांशी के पिता भारतीय वायुसेना में जूनियर वारंट ऑफिसर हैं। बचपन से ही उन्होंने अपने पिता को देश की सेवा करते देखा और उसी वातावरण ने उनके भीतर भी राष्ट्रसेवा का जज्बा पैदा किया। जब महिलाओं के लिए एनडीए के द्वार खुले, तो उन्होंने इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए कठिन परीक्षा उत्तीर्ण की और देश के प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्थान में प्रवेश प्राप्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


कठोर प्रशिक्षण के बीच दिखाया नेतृत्व और अनुशासन का दम
एनडीए में तीन वर्षों तक चले कठिन शारीरिक प्रशिक्षण, अनुशासित दिनचर्या और चुनौतीपूर्ण सैन्य अभ्यासों के दौरान दिव्यांशी ने अपने अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कैडेट क्वार्टर मास्टर सार्जेंट (CQMS) जैसी प्रतिष्ठित जिम्मेदारी भी सौंपी गई, जो केवल उत्कृष्ट नेतृत्व और अनुशासन वाले कैडेटों को मिलती है।
विज्ञापन


दिव्यांशी की सफलता बनी लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा
दिव्यांशी सिंह की यह उपलब्धि समाज को एक सशक्त संदेश देती है कि यदि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले, तो वे आसमान की ऊंचाइयों को भी छू सकती हैं। छपरा की बेटी दिव्यांशी सिंह की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और यह संदेश देगी कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

ये भी पढ़ें: कारगिल वीर के बेटे ने बढ़ाया बिहार का मान; मुजफ्फरपुर के आयुष झा बने वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर

बिहार की बेटी पर पूरे प्रदेश को गर्व
आज पूरे बिहार को अपनी इस बेटी पर गर्व है, जिसने यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं, बल्कि कई बार उनसे आगे बढ़कर इतिहास रचती हैं। दिव्यांशी ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे छपरा, बिहार और देश की बेटियों का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सपनों को साकार करने के लिए केवल दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और समर्पण की आवश्यकता होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed