Bihar News: हड़ताल के बीच बड़ा एक्शन! सीवान नगर परिषद ने 81 सफाईकर्मियों की सेवाएं की समाप्त
सीवान नगर परिषद ने सात दिनों से जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल के बीच दैनिक पारिश्रमिक पर कार्यरत 81 सफाईकर्मियों और कुलियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
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सीवान नगर परिषद में पिछले सात दिनों से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। नगर परिषद ने दैनिक पारिश्रमिक पर कार्यरत 81 सफाईकर्मियों और कुलियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। प्रशासन का कहना है कि इन पदों का विधिवत सृजन नहीं हुआ था और आउटसोर्सिंग एजेंसी के चयन के बाद इन कर्मियों की आवश्यकता नहीं रह गई है।
81 सफाईकर्मियों और कुलियों की सेवा समाप्त
नगर कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित कर्मियों का नियोजन दैनिक पारिश्रमिक के आधार पर किया गया था, जबकि इन पदों का विधिवत सृजन नहीं हुआ था। साथ ही नगर परिषद में आउटसोर्सिंग एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसके बाद इन कर्मियों की आवश्यकता नहीं रह गई है।
आदेश में विभागीय दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि दैनिक पारिश्रमिक के आधार पर किया गया नियोजन नियमानुसार उचित नहीं था। इसी आधार पर सभी 81 कर्मियों का नियोजन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से मिलेगा रोजगार का मौका
नगर परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो कर्मी स्वस्थ हैं और कार्य करने के इच्छुक हैं, उन्हें आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से रोजगार का अवसर दिया जा सकता है। इसके लिए इच्छुक कर्मियों को संबंधित एजेंसी से संपर्क करने को कहा गया है।
हड़ताल से चरमराई शहर की सफाई व्यवस्था
नगर परिषद का यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब सफाईकर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 30 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। प्रमुख सड़कों, चौक-चौराहों और कई मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाजार क्षेत्रों में भी नियमित सफाई नहीं होने से व्यापारियों और आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।
कर्मचारी संगठनों ने जताया विरोध
नगर परिषद के इस फैसले के बाद आंदोलनरत सफाईकर्मियों में असंतोष और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कर्मचारी संगठनों ने इसे दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि शहर की स्वच्छता बनाए रखने और जनहित को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन के अनुसार, आउटसोर्सिंग व्यवस्था के माध्यम से जल्द ही सफाई व्यवस्था को सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा। अब सबकी नजर प्रशासन और आंदोलनरत कर्मियों के बीच संभावित वार्ता और आगे की रणनीति पर टिकी हुई है।