Holi: गोपालगंज में ‘जोगीरा सारा रारारा’, धुरखेल और कुर्ताफाड़ होली की धूम; रंग व उल्लास से सराबोर रहा जिला
गोपालगंज में होली धुरखेल और प्रसिद्ध कुर्ताफाड़ परंपरा के साथ उल्लासपूर्ण माहौल में मनाई गई। शहर से लेकर गांवों तक रंग, गुलाल और फगुआ गीतों की धूम रही, जबकि प्रशासन की सतर्कता में पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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बिहार में होली का एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। बुधवार को थावे वाली मां की पावन धरती गोपालगंज में रंगों का त्योहार होली पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक फागुन की मस्ती और भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह से ही शहर की गलियां और गांवों के चौराहे ‘बुरा न मानो होली है’ के जयघोष से गूंज उठे।
सुबह से शुरू हुआ धुरखेल और कुर्ताफाड़ होली का उत्साह
गोपालगंज की परंपरा के अनुसार सुबह की शुरुआत धुरखेल से हुई। युवाओं की टोलियों ने एक-दूसरे को मिट्टी और कीचड़ से सराबोर कर पर्व का आगाज किया। शहर के पुरानी चौक, मौनिया चौक और वीएम फील्ड सहित कई इलाकों में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, धुरखेल की जगह चटख रंगों और गुलाल ने ले ली। इस बीच गोपालगंज की प्रसिद्ध ‘कुर्ताफाड़ होली’ का भी खासा जलवा देखने को मिला। विभिन्न स्थानों पर युवाओं की टोलियां एक-दूसरे के कुर्ते फाड़कर हवा में लहराते नजर आए। डीजे की धुन पर ‘जोगीरा सारा रारारा’ के उद्घोष से पूरा माहौल फगुआमय हो गया।
मीट-मछली और मुर्गा बाजार में उमड़ी भीड़
होली के अवसर पर जिले के खान-पान बाजार में भी जबरदस्त रौनक रही। शहर के बंजारी रोड, सरेया और यादोपुर चौक स्थित मीट-मछली और मुर्गा मंडियों में सुबह चार बजे से ही खरीदारों की लंबी कतारें लग गईं। होली के दिन मीट और पुआ का विशेष महत्व माना जाता है।
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दुकानदारों के अनुसार इस वर्ष चिकन और मटन की मांग पिछले साल की तुलना में अधिक रही। भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मुख्य बाजारों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
प्रशासन की सतर्कता में शांतिपूर्ण रहा पर्व
जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हुड़दंग पर नियंत्रण के लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई।