Bihar: तिरंगे में घर लौटा वीर सपूत, नम आंखों से विदा हुआ बीएसएफ जवान; 'अजय कुमार सिंह अमर रहें' से गूंजा गांव
सारण जिले के मांझी नगर पंचायत के उत्तर टोला निवासी और पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित बीएसएफ कैंप में तैनात हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंचा तो पूरा इलाका शोक में डूब गया।
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सारण जिले के मांझी नगर पंचायत के उत्तर टोला का माहौल शनिवार को उस समय गमगीन हो गया, जब बीएसएफ के शहीद हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंचा। देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवान के अंतिम दर्शन के लिए न सिर्फ गांव, बल्कि आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे। जैसे ही पार्थिव शरीर घर पहुंचा, परिजनों की चीख-पुकार से माहौल भावुक हो गया और वहां मौजूद हर आंख नम हो उठी।
मालदा में ड्यूटी के दौरान हुए थे शहीद
हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित बीएसएफ कैंप में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान हुई गोलीबारी की घटना में वह शहीद हो गए। देश की रक्षा करते हुए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान ने पूरे सारण जिले को गर्व के साथ-साथ गहरे दुख से भर दिया है।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी लोगों की भीड़
शहीद जवान का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने वीर सपूत को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अजय कुमार सिंह ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
विधायक रणधीर कुमार सिंह ने दी श्रद्धांजलि
स्थानीय जदयू विधायक रणधीर कुमार सिंह भी शहीद जवान के आवास पहुंचे। उन्होंने तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विधायक ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात की, उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
'उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा'
रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह ने देश सेवा के अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा, साहस और समर्पण के साथ निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा और आने वाली पीढ़ियां भी उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी।
'भारत माता की जय' और 'अजय कुमार सिंह अमर रहें' के नारों से गूंजा गांव
शहीद की अंतिम यात्रा के दौरान पूरा गांव 'भारत माता की जय' और 'अजय कुमार सिंह अमर रहें' के नारों से गूंज उठा। ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। गांव की गलियां उस समय भावुक दृश्यों की साक्षी बनीं, जब बिलखते परिजन अपने लाल को अंतिम प्रणाम कर रहे थे। वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह शोक में डूबा हुआ था।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दी अंतिम विदाई
शहीद अजय कुमार सिंह की अंतिम विदाई में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस मौके पर सभी ने एक स्वर में कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत कभी मरते नहीं हैं। वे अपने साहस, समर्पण और देशभक्ति के कारण हमेशा लोगों के दिलों में अमर रहते हैं।