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Bihar: सरकारी अस्पताल की बड़ी उपलब्धि, सारण जिला अस्पताल में पहली बार हुई पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी
Sun, 02 Aug 2026 10:55 PM IST
सारण ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 10:55 PM IST
सार
Bihar News: बिहार के सारण जिला अस्पताल में पहली बार पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी कराई गई। स्वास्थ्य विभाग ने इसे सरकारी अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है। इस तकनीक से प्रसव पीड़ा कम होती है और सामान्य प्रसव को बढ़ावा मिलता है।
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बिहार में पहली पेनलेस डिलीवरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। सारण जिला अस्पताल में पहली बार एपिड्यूरल एनाल्जीसिया तकनीक की सहायता से सफलतापूर्वक पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताया है। इस सफलता के साथ सरकारी अस्पतालों में आधुनिक प्रसूति सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक नया कदम माना जा रहा है।
सारण जिला अस्पताल ने रचा नया इतिहास
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह पहली बार है जब सारण जिला अस्पताल में एपिड्यूरल एनाल्जीसिया तकनीक का उपयोग कर बिना अत्यधिक प्रसव पीड़ा के सामान्य डिलीवरी कराई गई। यह सफलता अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और एनेस्थीसिया विभाग के संयुक्त प्रयासों से संभव हो सकी। विभाग का कहना है कि इससे सरकारी अस्पतालों में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने का भरोसा मजबूत हुआ है।
क्या है एपिड्यूरल एनाल्जीसिया तकनीक?
एपिड्यूरल एनाल्जीसिया एक आधुनिक दर्द-निवारक तकनीक है, जिसका उपयोग सामान्य प्रसव के दौरान प्रसव पीड़ा को काफी हद तक कम करने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में रीढ़ के निचले हिस्से के एपिड्यूरल स्पेस में एक पतली कैथेटर के माध्यम से दर्द कम करने वाली दवा दी जाती है। इससे प्रसूता का दर्द काफी कम हो जाता है, लेकिन वह पूरी तरह बेहोश नहीं होती। महिला पूरी तरह होश में रहते हुए डॉक्टरों के निर्देशानुसार सामान्य प्रसव की प्रक्रिया में सहयोग कर सकती है।
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जरूरत पड़ने पर सिजेरियन में भी हो सकता है उपयोग
चिकित्सकों के अनुसार, यदि प्रसव के दौरान किसी कारणवश सिजेरियन ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है, तो उसी एपिड्यूरल कैथेटर के जरिए एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन भी किया जा सकता है। इससे अलग से एनेस्थीसिया देने की आवश्यकता कम हो जाती है और मरीज को अधिक सुविधा मिलती है।
यह भी पढ़ें: EO विमल कुमार हत्याकांड में नया मोड़, पत्नी ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप; MLA ने दी सफाई
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में लगातार नई चिकित्सा तकनीकों को शामिल किया जा रहा है। इससे रेफरल के मामलों में कमी आ रही है और मरीजों का भरोसा भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर बढ़ रहा है। विभाग ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में इस तकनीक का लाभ राज्य के अन्य जिला अस्पतालों में भी मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा।
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सारण जिला अस्पताल ने रचा नया इतिहास
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह पहली बार है जब सारण जिला अस्पताल में एपिड्यूरल एनाल्जीसिया तकनीक का उपयोग कर बिना अत्यधिक प्रसव पीड़ा के सामान्य डिलीवरी कराई गई। यह सफलता अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और एनेस्थीसिया विभाग के संयुक्त प्रयासों से संभव हो सकी। विभाग का कहना है कि इससे सरकारी अस्पतालों में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने का भरोसा मजबूत हुआ है।
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क्या है एपिड्यूरल एनाल्जीसिया तकनीक?
एपिड्यूरल एनाल्जीसिया एक आधुनिक दर्द-निवारक तकनीक है, जिसका उपयोग सामान्य प्रसव के दौरान प्रसव पीड़ा को काफी हद तक कम करने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में रीढ़ के निचले हिस्से के एपिड्यूरल स्पेस में एक पतली कैथेटर के माध्यम से दर्द कम करने वाली दवा दी जाती है। इससे प्रसूता का दर्द काफी कम हो जाता है, लेकिन वह पूरी तरह बेहोश नहीं होती। महिला पूरी तरह होश में रहते हुए डॉक्टरों के निर्देशानुसार सामान्य प्रसव की प्रक्रिया में सहयोग कर सकती है।
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जरूरत पड़ने पर सिजेरियन में भी हो सकता है उपयोग
चिकित्सकों के अनुसार, यदि प्रसव के दौरान किसी कारणवश सिजेरियन ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है, तो उसी एपिड्यूरल कैथेटर के जरिए एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन भी किया जा सकता है। इससे अलग से एनेस्थीसिया देने की आवश्यकता कम हो जाती है और मरीज को अधिक सुविधा मिलती है।
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स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में लगातार नई चिकित्सा तकनीकों को शामिल किया जा रहा है। इससे रेफरल के मामलों में कमी आ रही है और मरीजों का भरोसा भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर बढ़ रहा है। विभाग ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में इस तकनीक का लाभ राज्य के अन्य जिला अस्पतालों में भी मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा।