फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar Suspected Rajdhani Express Derailment Plot Foiled After Train Hits Water Tank Placed on Tracks

Bihar: राजधानी एक्सप्रेस को डिरेल करने की साजिश! ट्रैक पर रखी पानी की टंकी से टकराई ट्रेन; भीषण हादसा टला

Sat, 25 Jul 2026 01:29 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण Published by: सारण ब्यूरो Updated Sat, 25 Jul 2026 01:29 PM IST
सार

छपरा-बलिया रेलखंड पर डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर रखी सिंटेक्स की पानी की टंकी से टकरा गई। लोको पायलट की सतर्कता और समय पर लगाए गए इमरजेंसी ब्रेक से ट्रेन डिरेल होने से बच गई। घटना के बाद करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेन रुकी रही। आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस मामले की जांच संभावित साजिश के एंगल से कर रही है।

विज्ञापन
Bihar Suspected Rajdhani Express Derailment Plot Foiled After Train Hits Water Tank Placed on Tracks
राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के बाद जांच करते अधिकारी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के छपरा-बलिया रेलखंड पर 24 जुलाई की मध्यरात्रि और 25 जुलाई की अहले सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर रखी गई सिंटेक्स की पानी की टंकी से टकरा गई। लोको पायलट की सतर्कता और समय रहते लगाए गए इमरजेंसी ब्रेक के कारण ट्रेन डिरेल होने से बच गई।
विज्ञापन


डेढ़ घंटे खड़ी रही ट्रेन
घटना के बाद ट्रेन करीब डेढ़ घंटे तक मौके पर खड़ी रही। रेलवे की तकनीकी टीम ने इंजन में फंसी पानी की टंकी को काटकर बाहर निकाला, जिसके बाद ट्रेन को सुरक्षित गंतव्य के लिए रवाना किया गया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी और स्थानीय पुलिस इस घटना की संभावित साजिश के दृष्टिकोण से जांच कर रही है।
विज्ञापन


रेलवे ट्रैक पर रखी पानी की टंकी
जानकारी के अनुसार, घटना छपरा-बलिया रेलखंड पर गौतम स्थान रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाला से लगभग 100 मीटर पश्चिम, विजय राय के टोला के समीप हुई। बताया जा रहा है कि एक मकान की छत पर रखी नीले रंग की सिंटेक्स पानी की टंकी को अज्ञात लोगों ने नीचे उतारकर मुख्य रेलवे ट्रैक पर रख दिया था। राजधानी एक्सप्रेस छपरा जंक्शन से रात करीब 1:41 बजे रवाना हुई थी। गौतम स्थान स्टेशन पार करने के बाद लोको पायलट की नजर ट्रैक पर रखी टंकी पर पड़ी। उन्होंने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन ट्रेन की गति अधिक होने के कारण इंजन टंकी से टकरा गया। टक्कर के बाद टंकी इंजन के अगले हिस्से में बुरी तरह फंस गई और ट्रेन कुछ दूरी आगे जाकर रुक गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को सूचना दी
घटना के तुरंत बाद लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दी, जिसके बाद रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। सूचना मिलते ही आरपीएफ के सहायक कमांडेंट अजय कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर विनोद कुमार यादव, सीआईबी के विकास कुमार यादव, जीआरपी के अधिकारी तथा रिविलगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। रेलवे की तकनीकी टीम ने काफी मशक्कत के बाद इंजन में फंसी टंकी को काटकर बाहर निकाला। इस पूरी प्रक्रिया में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा, जिससे रेल परिचालन भी प्रभावित रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। आरपीएफ और जीआरपी आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जबकि स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

किसने ट्रैक पर रखी पानी की टंकी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत थी या ट्रेन को डिरेल करने की सुनियोजित साजिश। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस मकान की छत से पानी की टंकी हटाई गई, उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। मकान मालिक का परिवार फिलहाल छपरा शहर में रहता है। आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात लोगों ने पहले टंकी को छत से नीचे उतारा और फिर उसे रेलवे ट्रैक पर रख दिया। इस पहलू की भी गहन जांच की जा रही है।

12 साल पहले बेपटरी हुई थी ट्रेन
इस घटना ने 12 वर्ष पुराने राजधानी एक्सप्रेस हादसे की यादें भी ताजा कर दी हैं। संयोग से लगभग 12 वर्ष पहले, 25 जून 2014 को छपरा ग्रामीण रेलवे स्टेशन के समीप दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस की 11 बोगियां पटरी से उतर गई थीं। उस भीषण हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे। दुर्घटना के बाद तत्कालीन रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने घटनास्थल का दौरा किया था।


ये भी पढ़ें-  पटना में 'बिहार बंद' का कैसा असर? संवेदनशील इलाकों में पुलिस तैनात, कई स्कूल बंद

लगातार दूसरी बार जुलाई महीने में राजधानी एक्सप्रेस से जुड़ी गंभीर घटना सामने आई है। हालांकि इस बार लोको पायलट की सूझबूझ, त्वरित कार्रवाई और रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता के कारण सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई और एक संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया। अब सभी की नजर रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों की जांच पर टिकी है कि आखिर रेलवे ट्रैक पर पानी की टंकी रखने के पीछे किसका हाथ था और उसका उद्देश्य क्या था।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed