Satta Ka Sangram: 'लालू के गृह जिले में लालटेन नहीं जला और न जलेगा', JDU नेता ने कसा तंज; नीतीश पर भी बोले
Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार में 6 और 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी माहौल गर्म है। इसी सिलसिले में अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ बुधवार को गोपालगंज पहुंचा। सुबह और दोपहर आम जनता तथा युवाओं से चर्चा में उनके मुद्दे जाने गए। अब राजनेताओं से कई मुद्दों पर बात हुई।
विस्तार
बिहार में सियासी पारा हर दिन चढ़ता ही जा रहा है और इस बीच अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ गोपालगंज की धरती पर पहुंच चुका है। आज 15 अक्तूबर की शाम को राजनेताओं से जनता के मुद्दे पर सवाल पूछे गए। इसके साथ ही उनके दावों-वादों को तोला गया कि किसके पक्ष में सियासी हवा बह रही है। जनता की उम्मीदें और सवाल क्या हैं? पहले जानते हैं चाय पर चर्चा और युवाओं से चर्चा के दौरान क्या बातें हुईं।
चाय पर चर्चा
सुबह चाय पर चर्चा के दौरान गोपालगंज में स्थानीय निवासी मृत्युंजय उपाध्याय ने चुनावी माहौल पर कहा कि लालू यादव का असर यहां अब भी खत्म नहीं हुआ है। हम बाहर भले कुछ और कहें, लेकिन उनका नाम आज भी लिया जाता है। गोपालगंज के मुद्दों पर उन्होंने कहा कि अभी तक कुछ साफ नहीं है। लोग बातें तो विकास की करते हैं, लेकिन वोट जाति के हिसाब से ही देंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस बार ऐसा लग रहा है कि बीजेपी को यहां से हार का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, सतीश चंद्र ने शराबबंदी पर कहा कि शराबबंदी होना जरूरी है, लेकिन फिर भी लोगों को शराब मिल रही है, यह गलत है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक उम्मीदवारों के नाम का एलान नहीं हो जाता, तब तक कुछ कहना मुश्किल है।
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युवाओं से चर्चा
युवाओं से चर्चा के दौरान आदर्श ने रोजगार के मुद्दे पर अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नेता सिर्फ वादे करते हैं, लेकिन असली काम नहीं होता। जब तक यहां रोजगार नहीं मिलेगा, लोग बाहर नहीं रुकेंगे। बिना पलायन रुके, बिहार का विकास नहीं होगा। हमने बी.ए किया है, लेकिन अभी भी फोटोग्राफी जैसी अस्थायी नौकरी कर रहे हैं। अगर हमें नौकरी करनी है तो दिल्ली या महाराष्ट्र जाना पड़ेगा और वहां कोई दिक्कत हुई तो हम पर हमला भी हो सकता है। शराबबंदी के मुद्दे पर अलोक ने कहा कि शराब बंद होने से पहले जिनके पास बाइक तक नहीं थी, आज वही लोग कार में घूम रहे हैं और अब शराब माफिया बन गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि शराब बंद होने के बाद लोग अब सूखे नशे करने लगे हैं। पहल लोग शराब पीते थे और अगर पकड़े जाते तो जुर्माना देकर बच जाते थे।
राजनीतिक चर्चा
गोपालगंज में चुनावी सरगर्मी के बीच एनडीए नेताओं ने राजद पर तीखे हमले बोले। इसी दौरान एक सज्जन ने कहा कि राज्य की स्थिति अब बहुत बेहतर है और जनता भयमुक्त समाज चाहती है। उन्होंने कहा कि जंगलराज से बिहार की जनता बहुत परिश्रम के बाद उबरी है। एनडीए का कोई भी प्रत्याशी हो, गोपालगंज में उसकी जीत सुनिश्चित है। हम यह इसलिए कह रहे हैं ताकि जनता को दोबारा जंगलराज का सामना न करना पड़े। लोग नहीं चाहते कि गोपालगंज में किसी का अपहरण हो और उसकी फिरौती की रकम पटना के अणे मार्ग में पहुंचाई जाए।
उन्होंने आगे कहा कि अगर लालू प्रसाद यादव की सरकार बनी तो दुकानदार से लेकर व्यवसायी तक सभी परेशान हो जाएंगे। इसलिए इस बार भी जनता सुशासन की सरकार को ही चुनना चाहेगी। वहीं, जदयू नेता ललन मांझी ने कहा कि गोपालगंज लालू प्रसाद यादव का गृह जिला है, लेकिन यहां कभी उनका लालटेन नहीं जला। राजद के प्रत्याशियों को हमेशा हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि आज बिहार में मेरे नेता नीतीश कुमार ने इतना रोजगार दे दिया है कि मेरे घर में कोई भी बेरोजगार नहीं है।
हालांकि, कुछ लोगों ने स्थानीय समस्याओं को भी उठाया। एक व्यक्ति ने कहा कि गोपालगंज की स्थिति कई मामलों में खराब है। नीतीश कुमार ने स्कूल, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया, यह मानते हैं। लेकिन रजिस्ट्री कार्यालय में जाली कागजात तैयार किए जा रहे हैं। हर काम में धांधली हो रही है और कोई सुनवाई नहीं होती।