{"_id":"6a771e3f2a2e14579a032d51","slug":"tb-patients-will-now-receive-financial-assistance-under-the-nikshay-poshan-yojana-at-the-chc-level-saran-news-c-1-1-noi1370-4589474-2026-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: टीबी मरीजों को बड़ी राहत! प्रखंड से सीधे मिलेगा योजना का पैसा, भुगतान में देरी पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: टीबी मरीजों को बड़ी राहत! प्रखंड से सीधे मिलेगा योजना का पैसा, भुगतान में देरी पर होगी कार्रवाई
Sat, 08 Aug 2026 06:34 PM IST
सारण ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 06:34 PM IST
सार
बिहार में टीबी मरीजों को मिलने वाली निक्षय पोषण योजना की सहायता राशि के भुगतान की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब यह राशि जिला स्तर के बजाय सीधे प्रखंड स्तर से दी जाएगी। नए निर्देश के अनुसार, उपचार शुरू होने के एक महीने के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना होगा।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : Abode stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार में टीबी (यक्ष्मा) मरीजों को समय पर पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब निक्षय पोषण योजना की सहायता राशि का भुगतान जिला स्तर के बजाय सीधे प्रखंड स्तर से किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने इस संबंध में राज्य के सभी सिविल सर्जन, अपर उपाधीक्षक और संचारी रोग पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार के इस फैसले से राज्य के हजारों टीबी मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
मुख्य सचिव स्तर से हर सप्ताह हो रही टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा
बिहार में टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुख्य सचिव स्तर पर हर सप्ताह समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में मरीजों को मिलने वाली पोषण सहायता राशि के भुगतान में देरी दूर करने के लिए व्यवस्था को सरल बनाया गया है। सरकार का मानना है कि समय पर पोषण सहायता मिलने से मरीज दवाओं के साथ बेहतर खान-पान पर भी ध्यान दे सकेंगे और उपचार को प्रभावी ढंग से पूरा कर पाएंगे।
विज्ञापन
भुगतान में देरी खत्म करने के लिए बदली व्यवस्था
अब तक राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना की राशि का भुगतान जिला स्तर से किया जाता था। जिला स्तर पर हुई समीक्षा में सामने आया कि यह प्रक्रिया जटिल होने के कारण मरीजों को वित्तीय सहायता मिलने में देरी होती थी। लाभार्थियों की पहचान से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया में कई चरण शामिल थे। प्रखंड स्तर पर लाभार्थियों की पहचान के बाद संबंधित फाइलें सिविल सर्जन और जिला लेखा प्रबंधक के पास भेजी जाती थीं। भुगतान होने के बाद भी निक्षय पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि में देरी के कारण इसकी जानकारी समय पर अपडेट नहीं हो पाती थी। इन व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति ने अब निक्षय पोषण योजना की राशि का भुगतान सीधे प्रखंड स्तर से करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
इलाज शुरू होने के एक महीने के भीतर करना होगा भुगतान
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, टीबी मरीज का उपचार शुरू होने के एक महीने के भीतर निक्षय पोषण योजना की राशि का भुगतान सुनिश्चित करना होगा। भुगतान में लापरवाही या देरी होने पर प्रखंड स्तर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखंड लेखा प्रबंधक को जिम्मेदार माना जाएगा।
इसके अलावा उपचार शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर लाभार्थियों की सूची और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वाले कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
लंबित भुगतान प्रस्तावों का तीन कार्य दिवस में होगा निपटारा
राज्य स्वास्थ्य समिति ने जिला स्वास्थ्य समितियों के पास लंबित सभी भुगतान प्रस्तावों का निपटारा तीन कार्य दिवस के भीतर करने का निर्देश दिया है। वहीं, बैंक खाता नहीं होने के कारण योजना की सहायता से वंचित 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मामलों में प्रक्रिया पूरी कर 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रखंड स्तर पर पूरी प्रक्रिया तय
प्रखंड स्तर से भुगतान व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरी कार्यप्रणाली निर्धारित की गई है। इसमें जरूरी दस्तावेज, नाबालिग लाभार्थियों के लिए विशेष प्रावधान और भुगतान विफल होने की स्थिति में सुधार की प्रक्रिया शामिल है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना की राशि मिलने में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है।