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Bihar: सारण में बनेगा 720 सीटों वाला डॉ. भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय, तीन एकड़ सरकारी जमीन हस्तांतरित
Tue, 14 Jul 2026 01:04 PM IST
सारण ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
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Published by: सारण ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:04 PM IST
सार
सारण के नगरा प्रखंड स्थित अफौर गांव में 720 सीटों वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने तीन एकड़ सरकारी भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है। विद्यालय में SC-ST वर्ग के विद्यार्थियों को आधुनिक आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सारण जिले के अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। जिला मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर नगरा प्रखंड के अफौर गांव में 720 सीटों की क्षमता वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने विद्यालय निर्माण के लिए तीन एकड़ सरकारी भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा विद्यालय
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित आवासीय विद्यालय में 720 छात्र-छात्राओं के रहने, पढ़ने और उनके सर्वांगीण विकास की आधुनिक व्यवस्था होगी। विद्यालय का निर्माण अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की ओर से कराया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है।
तीन एकड़ भूमि हस्तांतरण को मिली मंजूरी
विद्यालय निर्माण के लिए नगरा प्रखंड के अफौर गांव में तीन एकड़ सरकारी भूमि चिह्नित की गई है। भूमि सुधार उपसमाहर्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी और अपर समाहर्ता की संयुक्त अनुशंसा के आधार पर सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने भूमि हस्तांतरण को मंजूरी प्रदान की है। इसके बाद इस संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार, पटना के निदेशक को सूचना भेज दी गई है। साथ ही संबंधित अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता और जिला कल्याण पदाधिकारी को आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जल्द शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
भूमि का हस्तांतरण निःशुल्क होने के कारण निर्माण प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। प्रशासन को उम्मीद है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही भवन निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस आवासीय विद्यालय के बनने से सारण जिले के सैकड़ों मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। साथ ही उन्हें सुरक्षित आवासीय वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को संवारने का अवसर भी मिलेगा।
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आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा विद्यालय
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित आवासीय विद्यालय में 720 छात्र-छात्राओं के रहने, पढ़ने और उनके सर्वांगीण विकास की आधुनिक व्यवस्था होगी। विद्यालय का निर्माण अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की ओर से कराया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है।
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तीन एकड़ भूमि हस्तांतरण को मिली मंजूरी
विद्यालय निर्माण के लिए नगरा प्रखंड के अफौर गांव में तीन एकड़ सरकारी भूमि चिह्नित की गई है। भूमि सुधार उपसमाहर्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी और अपर समाहर्ता की संयुक्त अनुशंसा के आधार पर सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने भूमि हस्तांतरण को मंजूरी प्रदान की है। इसके बाद इस संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार, पटना के निदेशक को सूचना भेज दी गई है। साथ ही संबंधित अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता और जिला कल्याण पदाधिकारी को आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जल्द शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
भूमि का हस्तांतरण निःशुल्क होने के कारण निर्माण प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। प्रशासन को उम्मीद है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही भवन निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस आवासीय विद्यालय के बनने से सारण जिले के सैकड़ों मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। साथ ही उन्हें सुरक्षित आवासीय वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को संवारने का अवसर भी मिलेगा।