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Bihar: बिहार में निवेश का धमाका! ₹1628 करोड़ की 36 परियोजनाओं को SIPB की मंजूरी, रोजगार और उद्योग पर जोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 05:16 PM IST
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सार
बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की 68वीं बैठक में ₹1,628.60 करोड़ की 36 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस प्रदान की गई। इसके अलावा 7 परियोजनाओं को ₹44.89 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी दी गई। सरकार का दावा है कि इन निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
SIPB की 68वीं बैठक में ₹1,628.60 करोड़ की 36 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विकास आयुक्त-सह-अध्यक्ष, राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद् श्री मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 68वीं बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक में बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने तथा राज्य में नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की गई और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
36 परियोजनाओं को मिली स्टेज-1 क्लीयरेंस
बैठक में कुल 36 परियोजनाओं को ₹1,628.60 करोड़ की लागत के साथ स्टेज-1 क्लीयरेंस प्रदान की गई। इसके अलावा 07 परियोजनाओं को ₹44.89 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी दी गई। बोर्ड का मानना है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। साथ ही रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर भी विकास को बल मिलेगा।
निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने पर चर्चा
बैठक के दौरान निवेश स्वीकृति प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं त्वरित बनाने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने इस बात पर भी चर्चा की कि निवेशकों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का समयबद्ध समाधान कैसे सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभिन्न सुझावों और प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
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निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की पहल
बैठक में यह भी बताया गया कि बिहार को निवेश के लिए और अधिक अनुकूल एवं प्रतिस्पर्धी राज्य बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं और सुगम प्रक्रियाएं उपलब्ध कराना है, ताकि अधिक से अधिक निवेश आकर्षित किया जा सके। बोर्ड ने निवेश से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए भविष्य की रणनीति पर भी विचार किया।
यह भी पढ़ें: सम्राट सरकार ने की बड़ी कार्रवाई, जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश शर्मा को हटाकर पंकज मिश्रा को दी जिम्मेदारी
रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगा बल
बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन से बिहार के औद्योगिक आधार को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई। साथ ही यह माना गया कि नए निवेश से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी। सरकार का लक्ष्य बिहार को निवेश और औद्योगिक विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
36 परियोजनाओं को मिली स्टेज-1 क्लीयरेंस
बैठक में कुल 36 परियोजनाओं को ₹1,628.60 करोड़ की लागत के साथ स्टेज-1 क्लीयरेंस प्रदान की गई। इसके अलावा 07 परियोजनाओं को ₹44.89 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी दी गई। बोर्ड का मानना है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। साथ ही रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर भी विकास को बल मिलेगा।
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निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने पर चर्चा
बैठक के दौरान निवेश स्वीकृति प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं त्वरित बनाने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने इस बात पर भी चर्चा की कि निवेशकों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का समयबद्ध समाधान कैसे सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभिन्न सुझावों और प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की पहल
बैठक में यह भी बताया गया कि बिहार को निवेश के लिए और अधिक अनुकूल एवं प्रतिस्पर्धी राज्य बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं और सुगम प्रक्रियाएं उपलब्ध कराना है, ताकि अधिक से अधिक निवेश आकर्षित किया जा सके। बोर्ड ने निवेश से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए भविष्य की रणनीति पर भी विचार किया।
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रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगा बल
बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन से बिहार के औद्योगिक आधार को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई। साथ ही यह माना गया कि नए निवेश से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी। सरकार का लक्ष्य बिहार को निवेश और औद्योगिक विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।