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Bihar: पूजा के दौरान बड़ा हादसा, दो बच्चों की मौत; प्रसाद का इंतजार कर रही भीड़ पर गिरी पेड़ की भारी भरकम डाल
Mon, 20 Jul 2026 06:02 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 06:02 PM IST
सार
Bihar News: मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के मिठनसराय गांव में पूजा के बाद प्रसाद वितरण के दौरान ब्रह्मस्थान पर अचानक पेड़ का बड़ा हिस्सा गिर गया। हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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पूजास्थल पर गिरा हुआ पेड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के मिठनसराय गांव में पूजा के दौरान ब्रह्मस्थान पर अचानक पेड़ का बड़ा हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रसाद लेने जुटे थे लोग, तभी गिरा पेड़
जानकारी के अनुसार, पूजा संपन्न होने के बाद सभी लोग प्रसाद ग्रहण करने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान अचानक ब्रह्मस्थान परिसर में खड़े पेड़ का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
पेड़ गिरते ही मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पेड़ के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालकर घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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घटना के बाद पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल है। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: 1100 श्रद्धालुओं को लेकर सोमनाथ के लिए रवाना हुई स्पेशल ट्रेन, सम्राट चौधरी ने दिखाई हरी झंडी
दो बच्चों की मौके पर मौत
गांव में हुए हादसे में दो बच्चों की मौके पर मौत हो गई है जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में और अन्य अस्पताल में कराया जा रहा है। इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त मौके पर सौ की संख्या में लोग मौजूद थे। हादसे के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पेड़ के बड़े हिस्से में दबे हुए लोगों को बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
घटना को लेकर स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पूजा समाप्त हो चुकी थी और सभी लोग धीरे-धीरे ब्रह्मस्थान की ओर प्रसाद ग्रहण करने के लिए आ रहे थे। पंडित जी ने प्रसाद ग्रहण किया और इसी दौरान अचानक सैकड़ों साल पुराने पीपल के पेड़ की एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने किसी तरह नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला।
सैकड़ों साल पुराना पीपल का पेड़, चबूतरे ने बचाईं कई जानें
ग्रामीणों ने बताया कि यह ब्रह्मस्थान गांव का बेहद प्राचीन धार्मिक स्थल है और सैकड़ों वर्षों से यह पीपल का पेड़ उनकी आस्था और परंपरा का केंद्र रहा है। यहां पूर्वजों के समय से पूजा-अर्चना होती आ रही है और आज भी उसी परंपरा का निर्वहन किया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के समय तेज हवा भी नहीं चल रही थी, फिर भी अचानक पेड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। उन्होंने बताया कि पेड़ के पास और उसकी जड़ों के आसपास एक बड़ा चबूतरा बना हुआ है। इसी चबूतरे की वजह से कई लोगों की जान बच गई, अन्यथा इस हादसे में मृतकों और घायलों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।
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प्रसाद लेने जुटे थे लोग, तभी गिरा पेड़
जानकारी के अनुसार, पूजा संपन्न होने के बाद सभी लोग प्रसाद ग्रहण करने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान अचानक ब्रह्मस्थान परिसर में खड़े पेड़ का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
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घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
पेड़ गिरते ही मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पेड़ के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालकर घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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घटना के बाद पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल है। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: 1100 श्रद्धालुओं को लेकर सोमनाथ के लिए रवाना हुई स्पेशल ट्रेन, सम्राट चौधरी ने दिखाई हरी झंडी
दो बच्चों की मौके पर मौत
गांव में हुए हादसे में दो बच्चों की मौके पर मौत हो गई है जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में और अन्य अस्पताल में कराया जा रहा है। इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त मौके पर सौ की संख्या में लोग मौजूद थे। हादसे के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पेड़ के बड़े हिस्से में दबे हुए लोगों को बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
घटना को लेकर स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पूजा समाप्त हो चुकी थी और सभी लोग धीरे-धीरे ब्रह्मस्थान की ओर प्रसाद ग्रहण करने के लिए आ रहे थे। पंडित जी ने प्रसाद ग्रहण किया और इसी दौरान अचानक सैकड़ों साल पुराने पीपल के पेड़ की एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने किसी तरह नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला।
सैकड़ों साल पुराना पीपल का पेड़, चबूतरे ने बचाईं कई जानें
ग्रामीणों ने बताया कि यह ब्रह्मस्थान गांव का बेहद प्राचीन धार्मिक स्थल है और सैकड़ों वर्षों से यह पीपल का पेड़ उनकी आस्था और परंपरा का केंद्र रहा है। यहां पूर्वजों के समय से पूजा-अर्चना होती आ रही है और आज भी उसी परंपरा का निर्वहन किया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के समय तेज हवा भी नहीं चल रही थी, फिर भी अचानक पेड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। उन्होंने बताया कि पेड़ के पास और उसकी जड़ों के आसपास एक बड़ा चबूतरा बना हुआ है। इसी चबूतरे की वजह से कई लोगों की जान बच गई, अन्यथा इस हादसे में मृतकों और घायलों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।