Bihar: दिनदहाड़े छात्रा की हत्या से फूटा आक्रोश, सड़कों पर उतरे युवा; कैंडल मार्च में छात्रों ने भरी हुंकार
समस्तीपुर के पूसा स्थित वैनी थाना क्षेत्र में इंटर की छात्रा सुमन कुमारी की हत्या को लेकर जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार की देर शाम आइसा और आरवाईए के संयुक्त बैनर तले छात्र-युवाओं ने कैंडल मार्च निकालकर छात्रा को श्रद्धांजलि दी और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई।
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समस्तीपुर के पूसा प्रखंड अंतर्गत वैनी थाना क्षेत्र के कैजिया गांव में स्कूल जा रही इंटर की छात्रा सुमन कुमारी की सोमवार को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना को लेकर लोगों का आक्रोश लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार की शाम आइसा (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) और आरवाईए (रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन) के संयुक्त बैनर तले वैनी-पूसा रोड बाजार से स्टेशन होते हुए खुदीराम बोस प्रतिमा तक कैंडल मार्च निकाला गया। हाथों में मोमबत्तियां लिए छात्र-युवाओं और स्थानीय लोगों ने "सुमन को न्याय दो", "बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करो" और "अपराधियों को गिरफ्तार करो" जैसे नारों के साथ छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इंसाफ की मांग लेकर सड़कों पर उतरे छात्र-युवा
कैजिया गांव की इंटर की छात्रा सुमन कुमारी की हत्या के विरोध में मंगलवार की देर शाम पूसा में छात्र-युवाओं का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। वैनी-पूसा रोड बाजार से स्टेशन होते हुए खुदीराम बोस की प्रतिमा तक आइसा और आरवाईए के संयुक्त नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला गया। हाथों में मोमबत्तियां लिए छात्र-युवाओं ने "सुमन को इंसाफ दो", "बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करो" और "अपराधियों को गिरफ्तार करो" जैसे नारे लगाए। मार्च के समापन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर छात्रा की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
'यह सिर्फ एक हत्या नहीं, व्यवस्था की विफलता है'
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के जिला सचिव रौशन कुमार ने कहा कि बिहार में छात्राओं और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून का भय समाप्त होता जा रहा है और आम लोगों का सुरक्षा व्यवस्था से भरोसा डगमगा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस जल्द आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती, तो आइसा और आरवाईए पूरे जिले में लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़ी सजा की मांग
भाकपा (माले) के पूसा प्रखंड सचिव अमित कुमार ने कहा कि सुमन कुमारी की हत्या केवल एक छात्रा की हत्या नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। उन्होंने सरकार से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और दोषियों को शीघ्र कठोर सजा दिलाने की मांग की। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय ही समाज में कानून के प्रति विश्वास कायम रख सकता है।
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50 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी और सुरक्षा की मांग
आरवाईए के प्रखंड सचिव डॉ. मुकेश कुमार ने सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए संवेदनशील मार्गों पर नियमित पुलिस गश्ती सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बड़ी संख्या में जुटे छात्र, युवा और स्थानीय लोग
कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा में भाकपा (माले) के जितेंद्र राय, मो. आले, मो. आसेद, गणेश यादव, राजीव कुमार, मनदीप कुमार, अभिषेक कुमार, रंजन कुमार, राकेश कुमार, राजकुमार, नयन कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान न्याय और बेटियों की सुरक्षा से जुड़े नारे गूंजते रहे।
'न्याय नहीं मिला तो आंदोलन होगा और व्यापक'
छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया कि सुमन हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक घटना का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह बेटियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का बड़ा सवाल बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी कर मामले का खुलासा नहीं करती और सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती, तो आंदोलन को जिला मुख्यालय तक ले जाकर व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।