सब्सक्राइब करें

वो बच्चा, जिसे महज 14 साल की उम्र में दी गई थी सजा-ए-मौत

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Sun, 12 Jan 2020 06:36 PM IST
विज्ञापन
14 years old boy George Stinney was sentenced to death in 1944
जॉर्ज स्टिनी - फोटो : Social media

महज 14 साल की उम्र और मौत की सजा, यह सुनने में बड़ा अजीब लगता है, लेकिन आज से 75 साल पहले अमेरिका में कुछ ऐसा ही हुआ था। इसमें सबसे हैरानी की बात ये थी कि अदालत ने महज 10 मिनट में उस बच्चे को मौत की सजा सुना दी थी, जिसके बाद उसे इलेक्ट्रिक चेयर (कुर्सी) में बांधकर बिजली का झटका दिया गया और मौत के घाट उतार दिया गया। 

Trending Videos
14 years old boy George Stinney was sentenced to death in 1944
जॉर्ज स्टिनी - फोटो : Social media

ये खौफनाक घटना साल 1944 में घटी थी। बच्चे का नाम जॉर्ज स्टिनी था, जो अफ्रीकन-अमेरिकन था यानी अश्वेत था। चूंकि उस दौर में श्वेत लोग अश्वेतों से रंग के कारण भेदभाव खूब करते थे, इसलिए कहा जाता है कि बच्चे को सजा-ए-मौत देने का फैसला एकतरफा था, क्योंकि जजों की जिस बेंच ने फैसला सुनाया था, उसमें सभी श्वेत थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
14 years old boy George Stinney was sentenced to death in 1944
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

यह कहानी कुछ इस तरह शुरू होती है कि 23 मार्च 1944 का दिन था। जॉर्ज अपनी बहन कैथरीन के साथ अपने घर के बाहर खड़ा था। तभी वहां पर दो लड़कियां 11 वर्षीय बैटी जून बिनिकर और आठ वर्षीय मेरी एमा थॉमस किसी फूल को ढूंढते हुए आईं। उन्होंने उस फूल के बारे में जॉर्ज और उसकी बहन कैथरीन से पूछा। इसके बाद जॉर्ज उन लड़कियों की मदद के लिए उनके साथ चला गया। बाद में वह अपने घर लौट आया, लेकिन दोनों लड़कियां वहां से गायब हो गईं। 

14 years old boy George Stinney was sentenced to death in 1944
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

जब लड़कियों के घरवालों ने उन्हें ढूंढना शुरू किया तो पता चला कि वो आखिरी बार जॉर्ज के साथ देखी गई थीं। वह जॉर्ज के पिता के साथ लड़कियों को आसपास के इलाकों में ढूंढने लगे, लेकिन वो मिली नहीं। इसके बाद अगले दिन सुबह दोनों लड़कियों की लाश रेलवे ट्रैक के पास कीचड़ में मिली। दोनों के सिर पर गहरी चोट लगी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। 

विज्ञापन
14 years old boy George Stinney was sentenced to death in 1944
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

लाश मिलने के बाद पुलिस ने शक के आधार पर जॉर्ज को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की। बाद में पुलिस की ओर से बताया गया कि जॉर्ज ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, उसी ने दोनों लड़कियों का कत्ल किया है। पुलिस द्वारा दिए बयान में कहा गया कि जॉर्ज 11 वर्षीय बैटी के साथ संबंध बनाना चाहता था, लेकिन उसे लगा कि मेरी के रहते ये नहीं हो सकता, तो उसने मेरी को मारने की कोशिश की। इसी बीच दोनों लड़कियां उससे भिड़ गईं, जिसके बाद जॉर्ज ने लोहे के रॉड से उनके सिर पर मारा, जिससे दोनों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, चोट इतना भयंकर था कि उनके सिर के 4-5 टुकड़े हो गए थे। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed