सब्सक्राइब करें

लाखों लोगों को मरवाने वाला वो क्रूर तानाशाह, जिसने कभी बैंक में डाली थी डकैती

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Wed, 05 Feb 2020 11:12 AM IST
विज्ञापन
brutal dictator Joseph Stalin who killed millions of people
जोसेफ स्टालिन - फोटो : Social media

सोवियत संघ के शासक जोसेफ स्टालिन को कभी कम्युनिस्टों का आदर्श माना जाता था। वो सोवियत संघ के बहुत बड़े हीरो थे, मगर क्या वो वाकई ऐसे थे? या फिर उन्हें आज नरसंहार करने वाले नेता के तौर पर याद किया जाए? उनकी जिंदगी पर नजर डालें, तो लगता है कि स्टालिन हीरो भी थे और विलेन भी।



Trending Videos
brutal dictator Joseph Stalin who killed millions of people
जोसेफ स्टालिन - फोटो : Social media

स्टालिन के नाम का मतलब होता है लौह पुरुष। स्टालिन ने जिस तरह की जिंदगी जी, उससे ये लगता है कि उन्होंने अपना नाम सार्थक किया। उन्होंने रूस को इतना ताकतवर बनाया कि उसने हिटलर की जर्मन सेना को दूसरे विश्व युद्ध में मात दी। वो करीब एक चौथाई सदी तक सोवियत संघ के सबसे बड़े नेता रहे। लेकिन ये भी कहा जाता है कि स्टालिन के राज में जुल्मो-सितम की भी इंतेहा हुई। उनकी नीतियों और फरमानों की वजह से कथित तौर पर दसियों लाख लोग मारे गए।  

विज्ञापन
विज्ञापन
brutal dictator Joseph Stalin who killed millions of people
जोसेफ स्टालिन - फोटो : Social media

एक दौर में दुनिया के सबसे ताकतवर नेता रहे स्टालिन की जिंदगी एक मामूली से परिवार से शुरू हुई थी। स्टालिन की पैदाइश 18 दिसंबर 1879 में जॉर्जिया के गोरी में हुई थी। उनके बचपन का नाम था, जोसेफ विसारियोनोविच जुगाशविली। उस वक्त जॉर्जिया रूस के बादशाह जार के साम्राज्य का हिस्सा था। स्टालिन के पिता पेशे से एक मोची थे। मां कपड़े धोने का काम करती थी। सात बरस की उम्र में स्टालिन को चेचक की बीमारी हो गई, जिससे उनके चेहरे पर दाग पड़ गए। इस बीमारी की वजह से उनके बाएं हाथ में भी खराबी आ गई थी। 

brutal dictator Joseph Stalin who killed millions of people
जोसेफ स्टालिन - फोटो : Social media

बचपन में स्टालिन बहुत कमजोर थे। दूसरे बच्चे उन्हें बहुत तंग किया करते थे। उनके पिता शराबी थे और अक्सर स्टालिन को पीटा करते थे। जब स्टालिन बड़े हो रहे थे, तो जॉर्जिया में जार के खिलाफ बगावत की चिंगारी सुलग रही थी। वो जॉर्जिया की लोककथाओं और रूस विरोधी विचारों से काफी प्रभावित हुए। स्टालिन की मां धार्मिक ख्यालात वाली थीं। उन्होंने 1895 में स्टालिन को पादरी बनने की पढ़ाई करने के लिए जॉर्जिया की राजधानी तिफ्लिस भेजा, लेकिन स्टालिन को धार्मिक किताबों में जरा भी दिलचस्पी नहीं थी। वो छुप-छुपकर कार्ल मार्क्स की किताबें पढ़ा करते थे। स्टालिन ने उन दिनों एक समाजवादी विचारधारा वाले संगठन की सदस्यता भी ले ली थी। ये संगठन रूस के बादशाह के खिलाफ लोगों को एकजुट करता था। मां की ख्वाहिश के खिलाफ जाकर स्टालिन ने पादरी बनने से साफ इनकार कर दिया। 1899 में उन्हें धार्मिक स्कूल से बाहर कर दिया गया।  

विज्ञापन
brutal dictator Joseph Stalin who killed millions of people
जोसेफ स्टालिन - फोटो : Social media

बीसवीं सदी की शुरुआत में स्टालिन ने तिफ्लिस के मौसम विभाग में काम करना शुरू कर दिया था। इस दौरान वो लगातार रूसी साम्राज्य के खिलाफ बागी तेवर अपनाए हुए थे। स्टालिन अक्सर हड़ताल और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया करते थे। जार की खुफिया पुलिस को स्टालिन की हरकतों का अंदाजा हो चुका था। मजबूरन उन्हें भूमिगत होना पड़ा। तब स्टालिन बोल्शेविक पार्टी में शामिल हो गए। 1905 में स्टालिन ने पहली बार रूसी साम्राज्य के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध में हिस्सा लिया। रूस में बोल्शेविक क्रांति के अगुवा व्लादिमीर लेनिन से स्टालिन की पहली मुलाकात फिनलैंड में हुई थी। लेनिन उनकी प्रतिभा के कायल हो गए। 1907 में स्टालिन ने तिफ्लिस में एक बैंक में डकैती डालकर ढाई लाख रूबल चुरा लिए। ये रकम जार विरोधी आंदोलन में काम आई। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed