कहते हैं कि इंसान की हड्डियां इतनी मजबूत होती हैं कि वो आसानी से टूटती नहीं हैं। उसे तोड़ने के लिए बहुत अधिक बल की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन दुनिया में एक ऐसा केकड़ा है, जो इंसानों की भी हड्डियां आराम से तोड़ सकता है। यही वजह है कि इसे दुनिया का सबसे 'ताकतवर' केकड़ा कहा जाता है। इस केकड़े से जुड़े और भी कई ऐसे रोचक तथ्य हैं, जो आपको हैरान कर देंगे।
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'दैत्य केकड़ा'
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यह केकड़ा दक्षिण पश्चिमी प्रशांत महासागर और हिंद महासागर में पाया जाता है, जिसे लोग 'दैत्य केकड़ा' भी कह कर बुलाते हैं, क्योंकि यह आकार में सामान्य केकड़ों से काफी बड़ा होता है। एक वयस्क 'दैत्य केकड़े' की लंबाई एक मीटर होती है जबकि वजन 4.5 किलो के आसपास होता है।
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कोकोनट क्रैब
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'दैत्य केकड़े' का नुकीला कांटा काफी मजबूत यानी ताकतवर होता है। यह नारियल के बाहरी कवच, जो बेहद ही मजबूत होता है, उसको भी तोड़ सकता है। अक्सर ये केकड़े पेड़ों से नारियल के गिरा देते हैं और अपने नुकीले कांटे से उसे पल भर में तोड़ देते हैं। इस खूबी की वजह से ही इसे 'कोकोनट क्रैब' भी कहा जाता है। कहते हैं कि अपने नुकीले कांटों से ये इंसान की हड्डियों तक को भी तोड़ सकते हैं। इनके अंदर 3300 न्यूटन बल की ताकत होती है।
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कोकोनट क्रैब
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'कोकोनट क्रैब' की सबसे बड़ी खासियत ये है कि समय के साथ इनका रंग बदलता जाता है। जब ये युवावस्था में होते हैं तो भूरे रंग के होते हैं और इनके पैरों पर काली धारियां होती हैं और जब ये वयस्क हो जाते हैं तो हल्के बैंगनी या गहरे बैंगनी रंग के हो जाते हैं। हालांकि कुछ केकड़े भूरे रंग के भी रह जाते हैं।
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कोकोनट क्रैब
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'कोकोनट क्रैब' सड़ी-गली चीजों को खाकर ही अपना गुजारा करते हैं। वह सड़ी हुई पत्तियों से लेकर सड़े हुए फल और यहां तक कि अन्य केकड़ों के कवच तक को खा जाते हैं। इनके अंदर सूंघने की मजबूत क्षमता होती है। यही वजह है कि ये अक्सर रात के अंधेरे में ही खाने की तलाश में बाहर निकलते हैं।