Auction: आखिर क्यों 9 करोड़ में बिकी ये साधारण दिखने वाली जैकेट? जानें टाइटैनिक से क्या है इसका नाता
Life Jacket Auction: हाल ही में ब्रिटेन में हुई एक नीलामी में टाइटैनिक जहाज से जुड़ी एक लाइफ जैकेट ने सबको चौंका दिया। यह साधारण दिखने वाली जैकेट की नीलामी की कीमत जानकर हर कोई हैरान है।
विस्तार
दुनिया के सबसे चर्चित जहाज टाइटैनिक का नाम आज भी इतिहास के सबसे दर्दनाक हादसों में गिना जाता है। हाल ही में ब्रिटेन में हुई एक नीलामी में इस जहाज से जुड़ी एक लाइफ जैकेट ने सबको चौंका दिया। यह जैकेट उस महिला, लॉरा माबेल फ्रैंकाटेली की थी, जो टाइटैनिक हादसे में जिंदा बच निकली थीं। नीलामी का आयोजन ‘हेनरी एल्ड्रिज एंड सन’ ने किया था, लेकिन उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि यह साधारण दिखने वाली जैकेट इतनी बड़ी कीमत हासिल कर लेगी। जैसे ही बोली शुरू हुई एक गुमनाम खरीदार ने फोन के जरिए करीब 9 करोड़ रुपये ($900,000) देकर इसे अपने नाम कर लिया।
आज भी विवादों में रहती है लाइफबोट नंबर 1
यह जैकेट सिर्फ एक सुरक्षा उपकरण नहीं, बल्कि उस खौफनाक रात की जीती-जागती निशानी है। इस पर लॉरा और उनके साथ लाइफबोट में सवार अन्य लोगों के हस्ताक्षर मौजूद हैं, वे लोग जो मौत को करीब से देखकर लौटे थे। लॉरा उस दौर की मशहूर फैशन डिजाइनर लूसी डफ गॉर्डन के साथ काम करती थीं और लाइफबोट नंबर 1 में सवार थीं। यह वही लाइफबोट है, जो आज भी विवादों में रहती है, क्योंकि इसमें 40 लोगों के बैठने की जगह थी, लेकिन उस रात सिर्फ 12 लोग ही उसमें सवार थे।
5 करोड़ रुपये में बिकी एक और चीज
नीलामी में सिर्फ यही जैकेट नहीं, बल्कि उसी लाइफबोट का एक पुराना सीट कुशन भी करीब 5 करोड़ रुपये में बिक गया। जानकारों का मानना है कि टाइटैनिक से जुड़ी चीजों की कीमत इसलिए इतनी ज्यादा होती है, क्योंकि ये हमें उस दौर के आखिरी पलों की कहानी सुनाती हैं, जहां अमीरी-गरीबी का फर्क भी साफ नजर आता है। अब तक का सबसे महंगा आइटम एक सोने की घड़ी रही है, जिसे बचाव कार्य में शामिल एक कैप्टन को दिया गया था, और इसकी कीमत 1.56 मिलियन पाउंड तक पहुंच गई थी।
भले ही टाइटैनिक का मलबा समय के साथ समुद्र में खत्म होता जा रहा हो, लेकिन उससे जुड़ी ये निशानियां आज भी उस त्रासदी को जिंदा रखे हुए हैं। यह लाइफ जैकेट अब किसी म्यूजियम या निजी संग्रह का हिस्सा बनेगी, लेकिन इसकी कहानी हमेशा उस सर्द, अंधेरी रात की गवाही देती रहेगी। करोड़ों में लगी यह बोली इस बात का सबूत है कि इंसान आज भी टाइटैनिक के रहस्य और उसकी दर्द भरी यादों से पूरी तरह उबर नहीं पाया है, ये चीजें महज वस्तुएं नहीं, बल्कि बीते समय की अनमोल झलक हैं।

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