Gold Silver Price: कमजोर होते रुपये के बीच सोने और चांदी ने लगाई छलांग, जानिए सर्राफा बाजार में क्या चल रहा
Gold Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को बढ़त दर्ज की गई। रुपये के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने का सर्राफा बाजार पर क्या असर पड़ा है, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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रुपये में गिरावट और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दिखी। दिल्ली में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में रिकॉर्ड गिरावट इसका मुख्य कारण रही। भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत घरेलू धारणा ने भी कीमतों को सहारा दिया।
अखिल भारतीय सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 1,500 रुपये बढ़कर 1,56,800 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। यह सोमवार के बंद भाव 1,55,300 रुपये से करीब एक फीसदी अधिक है। चांदी की कीमतें भी 12,000 रुपये बढ़कर 2,77,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गईं। चांदी में 4.53 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सौमिल गांधी ने बताया कि कमजोर रुपये और स्थिर धारणा से घरेलू बाजार में सोने को लाभ मिला। रुपया मंगलवार को 35 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट ने घरेलू सोने की कीमतों को मजबूत समर्थन दिया। लेमन मार्केट्स डेस्क के गौरव गर्ग ने कहा कि निवेशक वाशिंगटन-तेहरान संबंधों और अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार कर रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की चाल कैसी?
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना 42.33 डॉलर गिरकर 4,692.64 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी 3.04 फीसदी गिरकर 83.49 डॉलर प्रति औंस रही। कोटक सिक्योरिटीज के अनुसार, मजबूत डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के दबाव में हाजिर सोना तीन सप्ताह के उच्च स्तर से नीचे आया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान युद्धविराम को "जीवन समर्थन पर" बताने के बाद बाजार की धारणा सतर्क हो गई। तेहरान द्वारा वाशिंगटन के नवीनतम शांति प्रस्ताव को खारिज करने से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भाव पर जानकारों की क्या राय?
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि आगे चलकर लगातार भू-राजनीतिक जोखिम और महंगाई के मोर्चे पर अनिश्चितता बुलियन के लिए सहायक बनी रहेगी। हालांकि, ऊंची बॉन्ड यील्ड, मजबूत डॉलर की गति और फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें निकट भविष्य में तेजी को सीमित कर सकती हैं। निवेशकों को वैश्विक आर्थिक संकेतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखनी होगी। सोने-चांदी को अनिश्चितता के समय में सुरक्षित निवेश माना जाता है।