PSB: 'सरकारी बैंकों का मुनाफा 1.98 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर', जानें वित्त मंत्रालय ने और क्या बताया
देश के सरकारी बैंकों ने मुनाफे का नया रिकॉर्ड बना दिया है। पीएसबी यानी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंका का शुद्ध मुनाफा बीते वित्तीय वर्ष में 11.1 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड स्तर 1.98 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। मुनाफे में लगातार चौथे साल में वृद्धि दर्ज की गई है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैकों (पीएसबी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.98 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हासिल किया है। भारतीय बैंकों में मुनाफे का सिलसिला लगातार चौथे वर्ष में जारी है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार इस बारे में बताया। मंत्रालय के अनुसार बैकों की संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार, स्वस्थ ऋणों में सुधार और मजबूत आमदनी के कारण बैंकों को मुनाफा बढ़ाने में सफलता मिली।
बीते वित्त वर्ष के लिए सरकारी बैंकों का कुल परिचालन लाभ बढ़कर 3.21 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वहीं बैंकों का शुद्ध मुनाफा 11.1 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड स्तर 1.98 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पीएसबी का मुनाफा लगातार चौथे साल में बढ़ा है।
सरकारी बैंकों का कुल कारोबार 283.3 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा
समेकित रूप से सभी सरकारी बैंकों का कुल कारोबार भी 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 283.3 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसमें पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 12.8 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंकों का कुल जमा 10.6 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 156.3 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर जमाकर्ताओं के बढ़ते भरोसे का प्रतीक है।
ऋणों के मोर्चे के पर भी बीता वित्तीय वर्ष बैंकों के लिए वृद्धि वाला रहा है। बैंकों की ओर से दिया गया कुल ऋण 15.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 127 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों में ऋण की बढ़ती मांग का संकेत है।
वित्त मंत्रालय ने अपने बयान कहा, "बैंकों के बेहतर प्रदर्शन से तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था में ऋण की जरूरतों को पूरा करने में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लचीलेपन, स्थिरता और बढ़ी हुई संस्थागत क्षमता का पता चलता है।"
बैकों की ऋण गुणवत्ता में भी सुधार
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बीते वित्तीय वर्ष में अपनी संपत्तियों खासकर ऋणों की गुणवत्ता के मोर्च पर भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बैंकों का सकल एनपीए (नन परफॉर्मिंग असेट्स) अनुपात 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 0.39 प्रतिशत कम होकर 1.93 रह गया। वित्त मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में आगे बताया कि सभी पीएसबी ने अपना 90 प्रतिशत से अधिक का प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो बनाए रखने में सफलता हासिल की है। यह बैंकों की सुसंगत कार्यप्रणाली का संकेत है।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बैंकों के नए स्लिपेज में गिरावट जारी रही। बट्टे खाते में डाले गए खातों से वसूली सहित कुल वसूली 86,971 करोड़ रुपये रही, जो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बेहतर वसूली तंत्र और बेहतर ऋण अनुशासन को दर्शाती है।