{"_id":"6a03890ca5922d2a35054d9d","slug":"business-updates-noida-airport-railways-andhra-pradesh-sebi-share-mkt-trade-usd-inr-value-import-export-news-2026-05-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Biz Updates: आंध्र में ₹2,816 करोड़ की रेलवे लाइन परियोजना को हरी झंडी; NOIDA एयरपोर्ट पर UDF की दरें जारी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Biz Updates: आंध्र में ₹2,816 करोड़ की रेलवे लाइन परियोजना को हरी झंडी; NOIDA एयरपोर्ट पर UDF की दरें जारी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
Published by: Jyoti Bhaskar
Updated Wed, 13 May 2026 01:39 AM IST
विज्ञापन
बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स
- फोटो : amarujala.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम से सांसद वल्लभनेनी बालशौरी ने बताया कि 2,816 करोड़ रुपये की नई मछलीपट्टनम-रेपल्ले रेलवे लाइन परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। यह 47.60 किलोमीटर लंबी ब्रॉड-गेज लाइन मछलीपट्टनम से रेपल्ले तक बनेगी। प्रशासनिक मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद है और इसे चार साल में पूरा करने का लक्ष्य है। अंतिम स्थान सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार है। इसमें छह रेलवे स्टेशन, 70 पुल और 24 रेलवे अंडरब्रिज शामिल होंगे।
Trending Videos
नोएडा एयरपोर्ट आने पर चुकाने होंगे पैसे
भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण (AERA ) ने उत्तर प्रदेश में बन रहे हवाईअड्डे को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नियामक संस्था- एरा ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्री विकास शुल्क निर्धारित कर दिए हैं। यह शुल्क वित्तीय वर्ष 2027 के लिए तय किए गए हैं। घरेलू प्रस्थान करने वाले यात्रियों के लिए यह शुल्क 490 रुपये होगा। अंतर्राष्ट्रीय प्रस्थान करने वाले यात्रियों को 980 रुपये का शुल्क देना होगा। घरेलू आगमन करने वाले यात्रियों के लिए 210 रुपये का शुल्क तय किया गया है। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय आगमन करने वाले यात्रियों को 420 रुपये का भुगतान करना होगा। एरा ने हवाई अड्डे के शुरुआती वर्षों के लिए परिवर्तनीय टैरिफ योजना को भी मंजूरी दी है। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 15 जून से अपना वाणिज्यिक परिचालन शुरू करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत का हवाई कार्गो क्षेत्र रिकॉर्ड ऊंचाई पर, 2024-25 में 3.72 मिलियन मीट्रिक टन पहुंचा
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का हवाई कार्गो क्षेत्र रिकॉर्ड 3.72 मिलियन मीट्रिक टन पर पहुंच गया है। देश के लॉजिस्टिक्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे कार्गो सेक्टर में पिछले एक दशक में 47 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस कारण भारत वैश्विक लॉजिस्टिक्स में मजबूत खिलाड़ी की तरह उभरा है। 2014-15 में 2.53 मिलियन मीट्रिक टन माल ढुलाई हुई थी। दिसंबर 2025 तक, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में आंकड़ा 2.98 मिलियन मीट्रिक टन दर्ज किया गया। एक वर्ष में ये रिकॉर्ड उछाल है। वर्तमान में, देश के 74 हवाई अड्डों पर कार्गो संचालन होता है। सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण भंडारण क्षमता बढ़ा रहे हैं और बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। जेवर और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार ने 2024-25 से 2026-27 तक 27 हवाई अड्डों पर सीमा शुल्क कर्मियों की तैनाती की लागत की प्रतिपूर्ति करने की नीति शुरू की है। इसमें 15 समर्पित कार्गो टर्मिनल शामिल हैं, जिससे छोटे शहरों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का हवाई कार्गो क्षेत्र रिकॉर्ड 3.72 मिलियन मीट्रिक टन पर पहुंच गया है। देश के लॉजिस्टिक्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे कार्गो सेक्टर में पिछले एक दशक में 47 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस कारण भारत वैश्विक लॉजिस्टिक्स में मजबूत खिलाड़ी की तरह उभरा है। 2014-15 में 2.53 मिलियन मीट्रिक टन माल ढुलाई हुई थी। दिसंबर 2025 तक, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में आंकड़ा 2.98 मिलियन मीट्रिक टन दर्ज किया गया। एक वर्ष में ये रिकॉर्ड उछाल है। वर्तमान में, देश के 74 हवाई अड्डों पर कार्गो संचालन होता है। सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण भंडारण क्षमता बढ़ा रहे हैं और बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। जेवर और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार ने 2024-25 से 2026-27 तक 27 हवाई अड्डों पर सीमा शुल्क कर्मियों की तैनाती की लागत की प्रतिपूर्ति करने की नीति शुरू की है। इसमें 15 समर्पित कार्गो टर्मिनल शामिल हैं, जिससे छोटे शहरों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।