The Bonus Market Update: शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी; सेंसेक्स 544 अंक उछला, निफ्टी भी मजबूत
शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन शानदार तेजी! सेंसेक्स 544 अंक उछलकर 76,808 और निफ्टी 23,989 पर बंद। आईटी और मीडिया सेक्टर्स का रहा दबदबा। एचयूएल और एनटीपीसी में 2% की तेजी। ग्लोबल मार्केट्स और बाजार का पूरा हाल जानने के लिए पढ़ें विस्तृत बिजनेस न्यूज।
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विस्तार
भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी का शानदार सिलसिला जारी रहा और मंगलवार को बाजार एक मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। टेक्नोलॉजी और घरेलू मांग वाले सेक्टर्स में भारी खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी ने निवेशकों को खुश कर दिया है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आज बाजार की इस दमदार क्लोजिंग का पूरा गणित क्या रहा, किन कंपनियों ने बाजार को सपोर्ट किया और किन सेक्टर्स ने निवेशकों को निराश किया।
शेयर बाजार में आज कितनी शानदार तेजी दर्ज की गई?
मंगलवार (16 जून) को कारोबारी सत्र के अंत में, बीएसई सेंसेक्स 544.15 अंकों (0.71%) की मजबूत छलांग लगाते हुए 76,808.48 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी पीछे नहीं रहा और यह 135.25 अंक (0.57%) उछलकर 23,989.15 के स्तर को पार कर गया। यह लगातार तीसरा कारोबारी दिन है जब बाजार ने एक बेहतरीन बढ़त के साथ अपनी क्लोजिंग दी है।
सेंसेक्स के किन शेयरों ने भरा निवेशकों का खजाना और किन्हें हुआ नुकसान?
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और बजाज फाइनेंस के शेयर सबसे बड़े विनर साबित हुए। दूसरी तरफ, इंटरग्लोब एविएशन, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति और टाटा स्टील के शेयरों में निवेशकों को निराशा हाथ लगी और ये पिछड़ने वाले शेयरों की सूची में शामिल रहे।
किन सेक्टर्स ने बाजार को सपोर्ट किया और कहां दिखी कमजोरी?
आईटी सेक्टर के शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ मीडिया सेक्टर में भी निवेशकों की ओर से अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा, फाइनेंशियल और एफएमसीजी सेक्टर्स ने भी मामूली बढ़त के साथ बाजार को अहम सपोर्ट दिया, जो यह दर्शाता है कि निवेशकों के बीच चुनिंदा रिस्क लेने की क्षमता बरकरार है। हालांकि, बाजार में हर तरफ हरियाली नहीं थी। मेटल्स, हेल्थकेयर, सीमेंट और फार्मा सेक्टर्स में आज भारी कमजोरी हावी रही, जिसने बाजार की और बड़ी उड़ान पर कुछ हद तक ब्रेक लगाने का काम किया।
एशियाई का क्या हाल रहा?
भारतीय बाजार की इस शानदार तेजी के विपरीत, ग्लोबल मार्केट्स में आज सुस्ती और मिला-जुला रुझान देखने को मिला। एशियाई बाजारों में जापान का टॉपिक्स इंडेक्स 0.2% गिर गया, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग में 1.2% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यूरोपीय बाजार मंगलवार को हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे पहले सोमवार को अमेरिकी बाजारों ने भी शानदार प्रदर्शन किया था, जहां टेक-हैवी इंडेक्स नैस्डैक 3.07 प्रतिशत की बड़ी छलांग के साथ बंद हुआ। इसके अलावा अमेरिका के एसएंडपी 500 में 1.65 प्रतिशत और डॉव जोंस इंडेक्स में 0.92 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई।
बाजार में आई इस तूफानी तेजी का मुख्य कारण क्या है?
शेयर बाजार की इस शानदार रिकवरी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच हुआ शांति समझौता और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी मुख्य कारण हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल दो प्रतिशत की गिरावट के साथ 81.45 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। इस समझौते से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी ट्रांजिट रूट होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीद है। पाकिस्तान की मध्यस्थता वाले इस समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होने की संभावना है।
एफआईआई की वापसी पर बाजार विशेषज्ञों का क्या कहना है?
बाजार के सेंटीमेंट को मजबूत करने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की वापसी ने भी अहम भूमिका निभाई है, जिन्होंने सोमवार को 200.05 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, "अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और कच्चे तेल के सस्ता होने से बाजार में रिकवरी का यह मोमेंटम बना है। इस रैली में आईटी, रियल्टी, एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस सेक्टर ने व्यापक रूप से बढ़त दर्ज की है"।
कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार की स्थिति फिलहाल काफी स्थिर नजर आ रही है। बाजार में एक अहम बदलाव यह देखने को मिल रहा है कि अब बाजार का नेतृत्व धीरे-धीरे टेक्नोलॉजी और घरेलू खपत से जुड़े सेक्टर्स की ओर शिफ्ट हो रहा है। यह ट्रेंड दिखाता है कि वैश्विक बाजारों की सुस्ती के बावजूद भारतीय बाजार अपनी मजबूत घरेलू बुनियाद पर आगे बढ़ रहा है।