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म्यूचुअल फंड में बदला निवेशकों का रुख: 30 महीने बाद लार्जकैप से निकाला पैसा; अब स्मॉलकैप में कितना निवेश बढ़ा?
Wed, 12 Aug 2026 03:21 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 12 Aug 2026 03:21 AM IST
सार
Mutual Fund Investment: जुलाई में म्यूचुअल फंड निवेशकों ने लार्जकैप से पैसा निकालकर स्मॉलकैप और मिडकैप का रुख किया। लार्जकैप से 1,321 करोड़ रुपये की निकासी हुई, जबकि स्मॉलकैप में रिकॉर्ड 7,767 करोड़ रुपये आए। कुल इक्विटी निवेश भी घटकर 24,697 करोड़ रुपये रहा। इसके बावजूद एसआईपी निवेश रिकॉर्ड 31,961 करोड़ रुपये पहुंच गया। सवाल है कि क्या निवेशक लार्जकैप से सच में दूर हो रहे हैं या यह सिर्फ मुनाफावसूली और रणनीति में बदलाव है?
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क्या निवेशक बाजार में नई चाल चल रहे हैं?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और ऊंचे मूल्यांकन के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों के रुख में बड़ा बदलाव दिखा है। जुलाई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में कुल निवेश 15 फीसदी घटकर 24,697 करोड़ रुपये रह गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि 30 महीने बाद पहली बार लार्जकैप फंड में निवेशकों ने पैसा निकाल लिया। इसके उलट स्मॉलकैप फंड में रिकॉर्ड 7,767 करोड़ रुपये का निवेश आया। हालांकि, निवेशकों का एसआईपी पर भरोसा मजबूत बना हुआ है।
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क्या निवेशकों का लार्जकैप फंड से मोहभंग हो गया है?
जुलाई में लार्जकैप फंड से 1,321 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई। दिसंबर 2023 के बाद यह पहली बार है जब इस श्रेणी में निवेश से ज्यादा पैसा निकाला गया। बाजार विश्लेषक विरल भट्ट के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में लार्जकैप शेयरों से अपेक्षाकृत कम रिटर्न और ऊंचे मूल्यांकन की चिंता इसकी वजह हो सकती है। निवेशकों ने लार्जकैप से पैसा निकालकर मुनाफावसूली की या फिर बेहतर रिटर्न की उम्मीद में दूसरे फंडों का रुख किया।
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