एअर इंडिया का बड़ा दांव: अब कम खर्च में लंबी दूरी तक भर सकेंगे उड़ान, एयरबस के साथ डील में किया यह बदलाव
एयर इंडिया ने 15 एयरबस A321neo के ऑर्डर को A321XLR में बदल दिया है। 8,700 किमी की रेंज वाले इन विमानों से एयरलाइन के लिए नए इंटरनेशनल रूट खुलेंगे। जानिए इन विमानों की कब होगी डिलीवरी।
विस्तार
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने वैश्विक विमानन बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए एक अहम रणनीतिक फैसला लिया है। हैदराबाद में चल रहे 'विंग्स इंडिया 2026 के दौरान एयरलाइन ने घोषणा की कि वह अपने पुराने ऑर्डर में बदलाव कर 15 अत्याधुनिक 'A321XLR' विमान अपने बेड़े में शामिल करेगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू की मौजूदगी में यह एलान किया गया। आम यात्री के लिए एअर इंडिया के इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि आने वाले वर्षों में उन्हें कई नए अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए बिना रुके सीधी फ्लाइट्स की सुविधा मिल सकेगी।
यहां आसान भाषा में समझिए इस डील की बड़ी बातें और आम आदमी पर इसका असर:
1. क्या बदला है एयर इंडिया ने?
एयर इंडिया ने 2023 और 2024 में एयरबस को विमानों का जो विशाल ऑर्डर दिया था, उसमें थोड़ा तकनीकी बदलाव किया है। कंपनी ने पहले 'A321neo' विमानों का ऑर्डर दिया था। अब एयरलाइन ने तय किया है कि उन ऑर्डर्स में से 15 विमानों को 'A321XLR' (एक्सट्रा लॉन्ग रैंज) वैरिएंट में बदल दिया जाए।
2. आम विमान से कैसे अलग है 'एक्सएलआर'?
A321एक्सएलआर की सबसे बड़ी खासियत इसकी रेंज है।
- लंबी दूरी: यह विमान एक बार में 8,700 किलोमीटर (4,700 नॉटिकल माइल्स) तक उड़ सकता है।
- किफायती सफर: यह एक 'सिंगल-आइल' (एक गलियारे वाला) विमान है, जिसे उड़ाने का खर्च बड़े विमानों के मुकाबले कम आता है, लेकिन यह काम बड़े विमानों जैसा करता है। इसमें ईंधन की बचत होती है और यात्रियों को आरामदायक सफर मिलता है।
3. यात्रियों को कब और क्या फायदा मिलेगा?
इन 15 नए विमानों की डिलीवरी 2029 से 2030 के बीच होने की उम्मीद है। इसके आने से एयर इंडिया:
- नए नॉन-स्टॉप अंतरराष्ट्रीय रूट शुरू कर सकेगी।
- जिन रूट्स पर बहुत ज्यादा भीड़ नहीं होती, वहां भी लंबी दूरी की फ्लाइट्स चलाना आर्थिक रूप से संभव होगा।
4. प्रबंधन क्या कहना है?
एयर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने कहा, "सिंगल-आइल विमानों के ऑर्डर को रणनीतिक रूप से A321XLR में बदलना एयर इंडिया को भविष्य के लिए तैयार करने की कोशिश है।" वहीं, एयरबस के अधिकारी ने इसे गेम-चेंजिंग विमान बताया जो एयरलाइन की कमाई बढ़ाने में मदद करेगा।
5. भविष्य की क्या तैयारी?
एयर इंडिया और एयरबस की साझेदारी सिर्फ विमान खरीदने तक सीमित नहीं है। दोनों कंपनियों ने 50:50 की साझेदारी में गुरुग्राम में एक पायलट ट्रेनिंग सेंटर भी खोला है, जिसका उद्घाटन सितंबर 2025 में हुआ था। यहां अगले एक दशक में 5,000 से ज्यादा नए पायलटों को ट्रेनिंग दी जाएगी। फिलहाल एयर इंडिया के पास कुल 600 विमानों के फर्म ऑर्डर हैं, जिनमें से 542 विमानों की डिलीवरी अभी बाकी है। बेगमपेट एयरपोर्ट पर चल रहा एशिया का सबसे बड़ा विमानन कार्यक्रम 'विंग्स इंडिया 2026' 31 जनवरी तक चलेगा, जहां यह बड़ी घोषणा की गई।