{"_id":"697b90e6a4ed2ea55f072c15","slug":"india-eu-fta-banking-market-access-fdi-in-insurance-rules-of-origin-bilateral-safeguard-mechanism-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"India-EU FTA: यूरोपीय बैंकों के लिए खुलेंगे भारत के दरवाजे, चार वर्षों में 15 नई शाखाओं को मंजूरी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
India-EU FTA: यूरोपीय बैंकों के लिए खुलेंगे भारत के दरवाजे, चार वर्षों में 15 नई शाखाओं को मंजूरी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 29 Jan 2026 10:25 PM IST
विज्ञापन
सार
India-EU FTA News: भारत में यूरोपीय बैंकों को 4 साल में 15 शाखाएं खोलने की मंजूरी। इंश्योरेंस में 100% और बैंकिंग में 74% FDI। जानिए घरेलू उद्योगों की सुरक्षा और IP कानूनों पर क्या है नियम।
भारत-ईयू एफटीए
- फोटो : Adobestock
विज्ञापन
विस्तार
भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी हो गई है और इसे इस साल लागू किए जाने की उम्मीद है। वाणिज्य मंत्रालय ने इस समझौते की बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि भारत ने यूरोपीय बैंकों और वित्तीय सेवाओं के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने पर बड़ी सहमति दी है।
समझौते के प्रमुख प्रावधानों और भारतीय उद्योगों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों को यहां विस्तार से समझें:
1. बैंकिंग और इंश्योरेंस में विदेशी निवेश की राह आसान
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत ने इस समझौते के तहत यूरोपीय संघ के बैंकों को अगले चार वर्षों में देश में 15 शाखाएं खोलने की अनुमति देने पर सहमति जताई है,।
समझौते में घरेलू उद्योगों को आयात की बाढ़ से बचाने के लिए एक 'द्विपक्षीय सुरक्षा तंत्र' शामिल किया गया है।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल वास्तविक विनिर्माणको ही टैरिफ छूट का लाभ मिले, मंत्रालय ने स्पष्ट नियम बनाए हैं। पैकेजिंग, लेबलिंग, मामूली असेंबली या पीलिंग (Peeling) जैसी प्रक्रियाओं को मूल उत्पादन नहीं माना जाएगा और इन्हें तरजीही टैरिफ का लाभ नहीं मिलेगा।
4. कानूनी सेवाओं और IP कानूनों पर भारत का रुख भारत ने अपनी संवेदनशीलताओं का ध्यान रखते हुए कुछ क्षेत्रों को सुरक्षित रखा है:
Trending Videos
समझौते के प्रमुख प्रावधानों और भारतीय उद्योगों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों को यहां विस्तार से समझें:
1. बैंकिंग और इंश्योरेंस में विदेशी निवेश की राह आसान
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत ने इस समझौते के तहत यूरोपीय संघ के बैंकों को अगले चार वर्षों में देश में 15 शाखाएं खोलने की अनुमति देने पर सहमति जताई है,।
विज्ञापन
विज्ञापन
- मौजूदा खिलाड़ी: वर्तमान में भारत में डॉयचे बैंक (जर्मनी), बीएनपी पारिबा (फ्रांस) और सोसाइटी जेनरल (फ्रांस) जैसे प्रमुख यूरोपीय बैंक संचालित हैं।
- FDI प्रतिबद्धता: भारत ने बीमा क्षेत्र में 100% और बैंकिंग सेवाओं में 74% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की प्रतिबद्धता प्रदान की है।
समझौते में घरेलू उद्योगों को आयात की बाढ़ से बचाने के लिए एक 'द्विपक्षीय सुरक्षा तंत्र' शामिल किया गया है।
- ड्यूटी बढ़ाने का अधिकार: यदि टैरिफ कम होने से यूरोपीय सामान का आयात अचानक बढ़ता है और घरेलू उद्योग प्रभावित होते हैं, तो भारत आयात शुल्क को वापस 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' (MFN) स्तर तक बढ़ा सकता है।
- समय सीमा: यह सुरक्षा उपाय अधिकतम चार साल के लिए लागू किया जा सकता है। इसे शुरू में दो साल के लिए लगाया जाएगा, जिसे समीक्षा जांच के बाद दो साल और बढ़ाया जा सकता है।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल वास्तविक विनिर्माणको ही टैरिफ छूट का लाभ मिले, मंत्रालय ने स्पष्ट नियम बनाए हैं। पैकेजिंग, लेबलिंग, मामूली असेंबली या पीलिंग (Peeling) जैसी प्रक्रियाओं को मूल उत्पादन नहीं माना जाएगा और इन्हें तरजीही टैरिफ का लाभ नहीं मिलेगा।
4. कानूनी सेवाओं और IP कानूनों पर भारत का रुख भारत ने अपनी संवेदनशीलताओं का ध्यान रखते हुए कुछ क्षेत्रों को सुरक्षित रखा है:
- कानूनी सेवाएं: राष्ट्रीय सुरक्षा और कानूनी सेवाओं जैसे क्षेत्रों के लिए 'कार्व-आउट्स' यानी छूट का प्रावधान रखा गया है, ताकि नीतिगत जगह बनी रहे।
- बौद्धिक संपदा: इस व्यापार सौदे के तहत भारत पर अपने किसी भी मौजूदा बौद्धिक संपदा कानून को बदलने या संशोधित करने की कोई बाध्यता नहीं है।
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
विज्ञापन
विज्ञापन