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Amar Ujala Samwad: अमर उजाला संवाद में स्वदेशी तकनीक पर बात करेंगे भारतजीपीटी के अंकुश सबरवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 19 May 2026 11:16 AM IST
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सार
लखनऊ में अमर उजाला संवाद के मंच पर भारतजीपीटी के संस्थापक अंकुश सभरवाल स्वदेशी सॉवरेन एआई और नए भारत के निर्माण पर अपने विचार रखेंगे। भारत के तकनीकी भविष्य को समझने के लिए पूरी खबर पढ़ें।
अंकुश सबरवाल
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की मजबूत दावेदारी पेश करने वाले भारतजीपीटी और CoRover.ai के संस्थापक व सीईओ अंकुश सबरवाल सोमवार को लखनऊ में 'अमर उजाला संवाद' के मंच पर हैं। वे एआई और नया भारत विषय पर आयोजित अहम सत्र को संबोधित करेंगे, जो देश के तकनीकी परिदृश्य, डिजिटल समावेशन और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद प्रासंगिक है।
बिट्स पिलानी से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और एमबीए की डिग्री हासिल करने वाले अंकुश सबरवाल ने 'सॉवरेन एआई' के क्षेत्र में भारत को एक वैश्विक पहचान दिलाई है। उनका उद्यम, CoRover.ai वर्तमान में 100 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं और 50,000 से अधिक उद्यमों व डेवलपर्स को अपनी सेवाएं दे रहा है।
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अंकुश द्वारा विकसित 'भारतजीपीटी' भारत का पहला लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) है, जिसे पूरी तरह से बहुभाषी भारतीय आबादी, स्थानीय डेटा और सांस्कृतिक बारीकियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आईआरसीटीसी जैसे बड़े सरकारी उपक्रमों और कई वित्तीय संस्थानों में उनके एआई समाधानों का उपयोग बड़े पैमाने पर जन-केंद्रित तकनीक का एक सफल व्यावसायिक उदाहरण है।
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तकनीकी उद्यमिता के क्षेत्र में 'इनोवेटर ऑफ द ईयर' जैसे सम्मान प्राप्त कर चुके अंकुश का विजन एआई को केवल एक साधन नहीं, बल्कि सशक्तिकरण का माध्यम बनाना है। इस सत्र के दौरान वे स्पष्ट करेंगे कि कैसे स्वदेशी एआई समाधान देश के ग्रामीण क्षेत्रों, एमएसएमई सेक्टर और बड़े कॉर्पोरेट्स के बीच की डिजिटल खाई को पाट सकते हैं।
भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन के वर्तमान दौर में उनका यह संबोधन इस बात पर केंद्रित होगा कि नया भारत तकनीक का महज एक उपभोक्ता नहीं, बल्कि एआई क्रांति का नेतृत्वकर्ता कैसे बन रहा है।