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Trade Deal: क्या भारत के किसानों को बड़े लाभ की उम्मीद? अमेरिका के जीरो टैरिफ पर रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Thu, 12 Feb 2026 12:13 PM IST
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सार

एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर शून्य अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था के लागू होती है तो भारत के लगभग 75% कृषि निर्यात को राहत मिलेगी। इससे चावल, मसाले, चाय, कॉफी और मत्स्य उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और अमेरिका के साथ कृषि व्यापार अधिशेष मजबूत होने की संभावना है।

Are Indian farmers expecting significant benefits? Shareholder claims in US zero-tariff report
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका को होने वाले भारत के कृषि निर्यात में बड़ा उछाल आने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा अनुमान है कि भारतीय कृषि निर्यात का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा अब शून्य टैरिफ के दायरे में आएगा।

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भारत के कृषि उत्पादों को अब अतिरिक्त अमेरिकी शुल्क से मिलेगी राहत

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का अमेरिका के साथ कृषि व्यापार में 1.3 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष है। भारत से 1.36 अरब डॉलर मूल्य के कृषि उत्पादों को अब अतिरिक्त अमेरिकी शुल्क से राहत मिलेगी, जिससे किसानों और निर्यातकों को अपने निर्यात को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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एक अरब डॉलर से अधिक मूल्य के कृषि उत्पादों को टैरिफ से मिलेगी राहत

रिपोर्ट में कहा गया है कि 1.035 अरब डॉलर मूल्य के कृषि उत्पादों को सुनिश्चित रूप से शून्य रेसिप्रोकल टैरिफ मिलेगा। इससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, बाजार पहुंच का विस्तार होगा और निर्यात मात्रा में इजाफा होगा। इससे भारत का कृषि व्यापार अधिशेष और मजबूत होने की उम्मीद है।

भारतीय कृषि निर्यात में चावल का कुल 24.7% हिस्सा

लाभान्वित होने वाले प्रमुख उत्पादों में चावल, मसाले, तिलहन, चाय और कॉफी शामिल हैं। चावल के मामले में अमेरिका का भारतीय निर्यात में लगभग 24.7 प्रतिशत हिस्सा है। अमेरिका ने दुनिया से कुल 1.378 अरब डॉलर का चावल आयात किया, जिसमें से 341 मिलियन डॉलर का आयात भारत से हुआ।


कॉफी, चाय, मेट और मसालों की श्रेणी में अमेरिका का कुल आयात 14.026 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 396 मिलियन डॉलर यानी 2.8 प्रतिशत रही। नई टैरिफ व्यवस्था से प्लांटेशन अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।

  • मत्स्य क्षेत्र को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जो पहले अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित हुआ था।
  • अमेरिका ने मछली और जलीय अकशेरुकी श्रेणी में दुनिया से 18.84 अरब डॉलर का आयात किया, जिसमें से 1.817 अरब डॉलर का आयात भारत से हुआ।
  • इस श्रेणी में भारत की हिस्सेदारी 9.6 प्रतिशत रही।
  • 18 प्रतिशत के कम टैरिफ से इस क्षेत्र को निर्यात बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
  • खाद्य फल और मेवों की श्रेणी में अमेरिका का कुल आयात 21.52 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 39 मिलियन डॉलर रही।
  • खाद्य सब्जियों और जड़ों का आयात 12.40 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत से 109 मिलियन डॉलर का आयात हुआ।
  • तैयार सब्जियां, फल और मेवों की श्रेणी में कुल आयात 13.77 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 192 मिलियन डॉलर रही।

    चयनित श्रेणियों में अमेरिका का कुल आयात 81.95 अरब डॉलर रहा, जबकि भारत से आयात 2.894 अरब डॉलर रहा, जिससे भारत की हिस्सेदारी 3.5 प्रतिशत बनती है। रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर टैरिफ पहुंच से भारतीय कृषि निर्यात के लिए अमेरिकी बाजार में बड़े अवसर पैदा होंगे।

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