EPC और सरकार की बैठक: EU के देशों समेत US-UK के साथ व्यापार समझौतों से भारत को कितना लाभ, निर्यातक क्या बोले?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संगठनों के साथ बैठक कर हाल में हुए एफटीए से अधिकतम लाभ उठाने की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में निर्यात बढ़ाने, नए बाजारों तक पहुंच और वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया गया।
विस्तार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों (EPCs) और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने हाल में संपन्न हुए व्यापार समझौतों से उत्पन्न अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।
पिछले छह वर्षों में प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ कई एफटीए हुए
मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्हें विभिन्न ईपीसीएस और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों से मिलकर प्रसन्नता हुई। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधियों ने पिछले छह वर्षों में प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ कई मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
चर्चा का मुख्य फोकस कहां पर रहा?
- बैठक का मुख्य फोकस इन समझौतों से मिलने वाले लाभों को अधिकतम करने की रणनीति पर रहा।
- चर्चा में निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, नए बाजारों तक पहुंच का विस्तार करने और वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
- मंत्री ने कहा कि इन समझौतों ने उद्योग, सेवा क्षेत्र और निर्यातकों के लिए व्यापक अवसर खोले हैं।
गोयल ने यह भी रेखांकित किया कि उद्योग संगठनों और ईपीसीएस की भूमिका महत्वपूर्ण है, ताकि भारतीय व्यवसाय इन समझौतों के लाभों का पूर्ण उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग को सहयोग देने, निर्यात बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
2025 में तेज हुई व्यापार कूटनीति
- साल 2025 में भारत ने कई अहम व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर कर अपनी व्यापार कूटनीति को नई गति दी।
- 24 जुलाई को भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे वस्त्र और रत्न-आभूषण जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
- 18 दिसंबर को भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) पर हस्ताक्षर हुए।
- 22 दिसंबर को भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता को औपचारिक रूप से संपन्न किया गया।
- इसके अलावा, 1 अक्तूबर 2025 से भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टाइन के साथ) प्रभावी हुआ, जिसके तहत 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई।
2026 में बड़ी प्रगति
- 27 जनवरी 2026 को भारत ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता पर हस्ताक्षर कर यूरोपीय संघ के विशाल और समृद्ध बाजार तक भारतीय कारोबारियों को प्राथमिकता आधारित पहुंच दिलाई।
- इसके तुरंत बाद 7 फरवरी को भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा हुई, जिसके तहत अमेरिकी टैरिफ दरें 50 प्रतिशत के उच्च स्तर से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गईं।