Industrial Relations Code: लोकसभा में औद्योगिक संबंध संहिता संशोधन बिल पर चर्चा, कानून में बदलाव का मकसद क्या?
केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड 2020 में संशोधन पेश किया है। आइए विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने संसद में इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड 2020 में एक संशोधन प्रस्तुत किया है। उन्होंने लोकसभा में कहा कि इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, 2020 को 28 सितंबर 2020 को संसद द्वारा पारित किया गया था। इस कोड के लागू होने से पहले ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926; औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946; और औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 प्रभावी थे। इन तीनों पुराने कानूनों को समाहित कर एकीकृत रूप में यह नया कोड लाया गया।
उन्होंने कहा कि नए कोड के लागू होने के साथ ही सरकार को इन पूर्ववर्ती अधिनियमों को निरस्त (रिपील) करने का अधिकार प्राप्त हुआ था और सरकार ने उन्हें निरस्त भी कर दिया है। अब उद्देश्य यह है कि इस संबंध में एक छोटा-सा संशोधन किया जाए, ताकि यह प्रावधान स्पष्ट रूप से अधिनियम का हिस्सा बन सके और किसी प्रकार की कानूनी अस्पष्टता न रहे। उन्होंने सदन से अनुरोध किया कि इस संशोधन को स्वीकार कर पारित किया जाए, ताकि कानून की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।