ACCI: बांग्लादेशी उत्पादों की बाजार में बढ़ती पैठ पर अरुणाचल चैंबर ने जताई चिंता, क्या है पूरा मामला जानिए
अरुणाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बांग्लादेशी उत्पादों की बढ़ती आमद और वहां हिंदुओं पर हिंसा के बीच स्थानीय व्यापारियों और एमएसएमई के अस्तित्व पर चिंता जताई है। चैंबर ने विदेशी ब्रांडों के वितरकों को लाइसेंस सरेंडर करने का अल्टीमेटम जारी किया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
विस्तार
भारतीय बाजारों, विशेषकर संवेदनशील सीमावर्ती राज्यों में बांग्लादेश के उत्पादों की अनियंत्रित आमद बढ़ने पर अरुणाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एसीसीआई) ने गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि बाजार में विदेशी ब्रांडों का यह अबाध प्रवेश स्थानीय व्यापारियों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और स्वदेशी उद्यमियों के लिए अस्तित्व का संकट पैदा कर रहा है।
खुदरा विक्रेताओं को अल्टीमेटम जारी
एसीसीआई ने राज्य में सख्त कदम उठाते हुए विदेशी ब्रांडों के वितरकों और खुदरा विक्रेताओं के लिए अल्टीमेटम जारी किया है, जो पूर्वोत्तर भारत के व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र में बढ़ती बेचैनी को दर्शाता है। एसीसीआई के अध्यक्ष तर्ह नचुंग ने कहा कि स्थानीय व्यापारियों को बांग्लादेशी आयातों की तुलना में काफी अधिक परिवहन और परिचालन लागत का सामना करना पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय उद्यमी कम कीमत वाले आयातित सामानों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ हो रहे हैं।
बांग्लादेश के उत्पादों का देशभर में पहुंच बनाना चिंता की बात
चैंबर ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेशी कंपनियों के उत्पादों ने पूर्वोत्तर सहित देश भर में पहुंच बना ली है। बाजार में विदेशी ब्रांडों का यह अनुचित विस्तार 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वोकल फॉर लोकल' के देश के लक्ष्य के विपरीत है और स्थानीय रोजगार व पारंपरिक व्यवसायों के लिए खतरा बन गया है।
विदेशी ब्रांड्स के वितरकों को लाइसेंस तुरंत सरेंडर करने के निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एसीसीआई ने राज्य में पहचाने गए विदेशी ब्रांडों के वितरकों को अपने लाइसेंस तुरंत सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, खुदरा विक्रेताओं को मौजूदा स्टॉक को बेचने या निपटाने के लिए केवल एक सप्ताह का समय दिया गया है। व्यापार निकाय ने स्पष्ट किया है कि एसीसीआई की टीमें राज्य भर के बाजारों में औचक निरीक्षण करेंगी। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भी शामिल है।
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर एसीसीआई ने जताया रोष
व्यापारिक चिंताओं के साथ-साथ, एसीसीआई ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की रिपोर्टों पर भी गहरा रोष व्यक्त किया है। चैंबर ने रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 18 दिनों में छह हिंदुओं की हत्या की गई है, जो मानवीय आधार पर अत्यधिक परेशान करने वाला है। संगठन ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि जब पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक समुदाय हिंसा का सामना कर रहा है, तब भारत में बांग्लादेशी ब्रांडों की उपस्थिति बढ़ रही है।