Biz Updates: राजेश एक्सपोर्ट्स मामले पर SEBI अध्यक्ष की चुप्पी; केंद्रीय मंत्री बोले- LPG के दाम बढ़ाना जरूरी
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भारत के शेयर बाजार नियामक- सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने राजेश एक्सपोर्ट्स मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने बॉन्ड ब्रोकरों के नए नियमों और टोकनाइजेशन कार्यक्रम पर भी बात की। पत्रकारों से बात करते हुए पांडे ने कहा कि सिद्धांत के तौर पर वे व्यक्तिगत मामलों पर मीडिया में कोई टिप्पणी नहीं करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया है। इसमें आदेश जारी किए जाते हैं। इन आदेशों का कानून के अनुसार पालन करना होता है। नए बॉन्ड ब्रोकर नियमों और टोकनाइजेशन कार्यक्रम पर उन्होंने बताया। टोकनाइजेशन पायलट में छह से नौ महीने का समय लगेगा। इसके लिए इंतजार करना होगा।
केंद्रीय मंत्री ने गैस सिलिंडर के दाम बढ़ाने को जरूरी बताया
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने गैस सिलिंडर की कीमतों में वृद्धि पर दुख व्यक्त किया है। हालांकि, उन्होंने मौजूदा वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि ये फैसला 'अपरिहार्य' है। बता दें कि घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी सिलिंडर की कीमत में शनिवार देर रात 29 रुपये की वृद्धि का एलान किया गया। बीते तीन महीने में दूसरी बार गैस के दाम बढ़ाए गए। इस पर जोशी ने रविवार रात जारी एक बयान में कहा, दुनिया गंभीर संकटों से जूझ रही है। एलपीजी सीमित स्रोतों से आता है। परिवहन और बीमा लागत भी अधिक है। सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खरीद संसाधनों को बढ़ाने का प्रयास कर रही है। पिछली बार 7 मार्च को 60 रुपये प्रति सिलिंडर की वृद्धि की गई थी। दाम बढ़ने को लेकर हो रही आलोचना के जवाब में सरकार ने कहा कि भारतीय परिवार वैश्विक स्तर पर सबसे कम कीमत चुकाते हैं।
आर्डी ग्रुप विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता समझौते को लागू करने का दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत रियल एस्टेट डेवलपर अशोक वर्मा के परिवार से जुड़े वर्षों पुराने प्राथमिकी दर्ज को समाप्त करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने आर्डी ग्रुप और संबंधित पारिवारिक संपत्तियों से जुड़े विवादों में हुए मध्यस्थता समझौते को लागू करने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने मध्यस्थता प्रक्रिया में हुई प्रगति पर ध्यान दिया। पीठ ने पक्षों को अदालत की निगरानी में हुई मध्यस्थता कार्यवाही के दौरान हुए समझौते को लागू करने का निर्देश दिया।
यह विवाद वर्षों से व्यापक मुकदमेबाजी का विषय रहा है। इसमें मुख्य रूप से अशोक वर्मा की बेटियां शेफाली वर्मा और शिबानी वर्मा कपूर शामिल थीं। विवाद पारिवारिक व्यापारिक हितों, रियल एस्टेट संपत्तियों और आर्डी ग्रुप से जुड़ी संपत्तियों से संबंधित था। यह सफलता पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश कुरियन जोसेफ की देखरेख में हुई मध्यस्थता प्रक्रिया के माध्यम से मिली। न्यायालय ने पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण समाधान की सुविधा के लिए उन्हें नियुक्त किया था। इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कार्यवाही के अनुसार, न्यायाधीश कुरियन जोसेफ ने एक अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि पक्षों ने मध्यस्थता के माध्यम से अपने प्रमुख विवादों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है।
रिपोर्ट में 5 फरवरी, 2026 को एक अंतिम और बाध्यकारी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने का भी उल्लेख किया गया। मध्यस्थ ने न्यायालय को सूचित किया कि एक व्यापक समझौता ढांचा तैयार करने और कार्यान्वयन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता होगी। रिपोर्ट पर ध्यान देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने समझौते के कार्यान्वयन के लिए समय दिया। न्यायालय ने पक्षों को सहमत शर्तों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।