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Byju's: बायजू रवींद्रन को सिंगापुर हाईकोर्ट से झटका, छह महीने की सजा का फैसला पलटने से जुड़ी याचिका खारिज

Tue, 14 Jul 2026 03:13 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 14 Jul 2026 03:13 PM IST
सार

सिंगापुर हाईकोर्ट से संकटग्रस्त एडुकेट कंपनी बायजू के मुखिया बायजू रविंद्रन को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनके खिलाफ अवमानना के एक मामले में सुनाई गई छह महीने की सजा को पलटने से जुड़ी याचिका खारिज कर दी है। बायजू रविंद्रन पर इस फैसले का क्या असर पड़ेगा? आइए इस बारे में जानते हैं सबकुछ।

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Byjus Raveendran Loses bid to overturn singapore jail sentence
बायजू रवींद्रन - फोटो : amarujala.com

विस्तार

सिंगापुर हाईकोर्ट ने संकटग्रस्ट एजुकेशन टेक स्टार्टअप बायजू के संस्थापक बायजू रवींद्रन की वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ सुनाई गई छह महीने की सजा को पलटने की मांग की थी। सजा के इस आदेश के कारण बायजू तभी सिंगापुर जा सकते हैं जब वे अदालत की ओर से सुनाई गई सजा पूरी करें।

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बायजू के लॉ फर्म ने क्या बताया?

अदालत ने बीते 9 जुलाई को रवींद्रन की याचिका खारिज कर दी। रविंद्रन ने याचिका में सजा पर रोक लगाने की मांग की थी। बायजू रविंद्र के लॉ फर्म लजारेफ रे बार्स ने यह जानकारी दी है। अदालत ने अवमानना के एक मामले में बायजू के खिलाफ मई में यह सजा सुनाई थी और पिछले पहले महीने इस पर स्टे लगा दिया था। 

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अदालत का फैसला बायजू के लिए कितना अहम?

कोर्ट का ताजा फैसला बायजू के मुखिया रवींद्रन के लिए एक झटके की तरह है। एक शिक्षक रहे रवींद्रन ने थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी। जिसे बायजू के नाम से जाता है। ऑनलाइन शिक्षा मुहैया कराने वाली उनकी इस कंपनी को भारत में स्टार्टअप्स के लिए एक उदाहरण के तौर पर पेश किया जाता था। बायजू की सफलता के कारण रविंद्रन अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए थे। हालांकि बाद में तीव्र विस्तार और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़ खामियों के कारण कंपनी अर्श से फर्श पर आ गई और इसके खिलाफ एक के बाद एक कई मुकदमे दर्ज हो गए।

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क्यों संकट में हैं बायजू रवींद्रन?

हालांकि कंपनी की कानूनी लड़ाई को देख रहे फर्म लजारेफ रे बार्स के एक अधिवक्ता जे माइकल मैक्नट ने कहा, "रवींद्रन का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर या अनजाने में किसी भी अदालती आदेश का उल्लंघन नहीं किया है और वे उचित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से हर कानूनी उपाय का पालन करना जारी रखेंगे।" इस मामले में सिंगापुर हाईकोर्ट की ओर से से अब तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है। रवींद्रन दुनिया भर के विदेशी निवेशकों के दावों के कारण कानूनी लड़ाई में फंसे हुए हैं। इन देशों में एक अमेरिका भी शामिल है, जहां के ऋणदाता 1.2 अरब डॉलर के ऋण के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए दबाव बनाए हुए हैं।

सिंगापुर में बायजू के खिलाफ कौन गया कोर्ट?

सिंगापुर की अदालतों में, रवींद्रन पर कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (क्यूआईए) की एक सहायक कंपनी मुकदमा चला रही है। क्यूआईए ने बायजू के फंडिंग राउंड में उस समय हिस्सा लिया था, जब कंपनी कर्मचारियों की छंटनी कर रही थी। क्यूआईए ने एक बयान में कहा कि वह अदालत के हालिया फैसले का स्वागत करती है और रवींद्रन के खिलाफ सभी कानूनी उपायों का इस्तेमाल करना जारी रखेगी। 

क्या अभी सिंगापुर में हैं बायजू रवींद्रन?

मैक्नट के अनुसार, रवींद्रन फिलहाल सिंगापुर में नहीं हैं और यह भी यह निश्चित नहीं है कि वे यहां कब आने वाले हैं। भविष्य में यदि वे सिंगापुर आने का प्लान बनाते हैं, तो अदालत में उन्हें अपील दायर करनी होगी तब अदालत इस मामले को फिर से देखेगी। मैक्नट ने कहा, "इस आदेश का तब तक कोई व्यावहारिक असर नहीं पड़ेगा जब तक रविंद्रन सिंगापुर आने के बारे में नहीं सोचते हैं।"

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