CBI Action: आरसीएफएल के 4097 करोड़ रुपये के घोटाले में पहली चार्जशीट दाखिल, जानिए इस बारे में
सीबीआई ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) के 4,097 करोड़ रुपये के घोटाले में पहली चार्जशीट दाखिल की है। इसमें पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों और दो कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। जानें क्या है पूरा मामला और कौन-कौन हैं इसमें शामिल।
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) से जुड़े 4,097 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में अपनी पहली चार्जशीट मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को दाखिल की। यह चार्जशीट कंपनी के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ है। इन पर 13 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एक समूह को धन के हेरफेर के माध्यम से भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
सीबीआई ने मुंबई की एक विशेष अदालत में यह चार्जशीट दाखिल की है। इसमें दो अन्य कंपनियों, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएसएफएल) को भी आरोपी बनाया गया है। यह मामला सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को हुए बड़े वित्तीय नुकसान से संबंधित है।
कौन हैं वे पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारी जिन पर आरोप लगे हैं?
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया कि आरसीएफएल के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के आरोपों में चार्जशीट किया गया है। इन अधिकारियों में देवंग प्रवीण मोदी (निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी), रविंद्र सोमायाजुला राव (निदेशक), धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी (निदेशक), राजेश कृष्णमूर्ति (कार्यकारी जोखिम अधिकारी) और लव चतुर्वेदी (मुख्य जोखिम अधिकारी) शामिल हैं। इन पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भारी नुकसान पहुंचाने का इरादा रखने का आरोप है।
पैसों का हेरफेर कैसे किया गया?
सीबीआई की जांच से पता चला है कि आरसीएफएल द्वारा उधार लिए गए पैसे को मध्यस्थ और सहायक संस्थाओं के माध्यम से विभिन्न रिलायंस एडीए समूह की कंपनियों में भेजा गया था। यह कार्रवाई ऐसे उधारों को नियंत्रित करने वाले नियमों और शर्तों का उल्लंघन थी। इस हेरफेर से ऋण देने वाले बैंकों को गलत नुकसान हुआ और आरोपी व्यक्तियों तथा संबंधित संस्थाओं को गलत लाभ मिला। सीबीआई ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र और समूह के अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से मिली शिकायतों के आधार पर यह मामला दर्ज किया था। कुल 13 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 4,097 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
क्या जांच अभी भी जारी है और कौन-कौन गिरफ्तार हुए हैं?
सीबीआई ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को गलत नुकसान पहुंचाने में शामिल निदेशकों, संस्थाओं और सरकारी कर्मचारियों की कथित भूमिका की जांच जारी रखी है। एजेंसी पूरक चार्जशीट भी दाखिल कर सकती है। सीबीआई ने पहले रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व उपाध्यक्ष अमिताभ झुंझुनवाला, आरसीएफएल के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवंग प्रवीण मोदी और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित बापना को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में, झुंझुनवाला और मोदी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि बापना सीबीआई की हिरासत में हैं।
अधिकारियों ने बताया कि झुंझुनवाला और बापना की भूमिका की जांच अभी भी चल रही है। सीबीआई ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी से मिली शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), आरएचएफएल, आरसीएफएल और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल) के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की हैं।