फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Tech Diary ›   Children Screen Time Why Do Tech Giants Keep Their Kids Away from Social Media While World Gets Addicted

Children Screen Time: बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखते हैं टेक दिग्गज, फिर दुनिया को इसकी लत क्यों लग रही?

Thu, 20 Aug 2026 05:23 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Thu, 20 Aug 2026 05:23 AM IST
सार

सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक से अरबों डॉलर कमाने वाली टेक कंपनियों के कई बड़े अधिकारी अपने ही बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित रखते हैं। कुछ ने बच्चों को कम उम्र में मोबाइल देने से परहेज किया, तो कुछ सोशल मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब तकनीक के सबसे बड़े जानकार इसके असर को लेकर सावधान हैं, तो बच्चों के लिए सोशल मीडिया को इतना आकर्षक और लगातार इस्तेमाल करने वाला क्यों बनाया जा रहा है?

विज्ञापन
Children Screen Time  Why Do Tech Giants Keep Their Kids Away from Social Media While World Gets Addicted
सोशल मीडिया पर बच्चों की लत को लेकर विवाद क्यों है? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक दुनिया के करोड़ों बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। लेकिन इन प्लेटफॉर्म से सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कंपनियों के कई बड़े अधिकारी अपने बच्चों के इस्तेमाल को लेकर काफी सावधान हैं। मेटा, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एपल और स्नैप से जुड़े प्रमुख लोगों ने बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित रखने या सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने की बात कही है। यह विरोधाभास ऐसे समय सामने आया है, जब बच्चों पर सोशल मीडिया के असर को लेकर अमेरिका में बहस तेज है।

विज्ञापन

मार्क जुकरबर्ग ने अपने बच्चों को लेकर क्या कहा था?

मेटा के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने अपने बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर सावधानी बरतने की बात कही थी। 2017 में बेटी के जन्म के बाद उन्होंने बच्चों के लिए बाहर खेलने और सक्रिय रहने को प्राथमिकता देने की बात कही थी। वहीं, फेसबुक के शुरुआती निवेशक पीटर थील ने 2024 में बताया था कि उनके साढ़े तीन और पांच साल के बच्चों का स्क्रीन टाइम सप्ताह में करीब डेढ़ घंटे था। यानी जिन लोगों ने डिजिटल दुनिया को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई, वे अपने बच्चों के मामले में तकनीक का इस्तेमाल सीमित रखना चाहते हैं।

विज्ञापन

स्नैप और ओपनएआई के प्रमुख बच्चों के लिए क्या नियम रखते हैं?

स्नैप के प्रमुख इवान स्पीगल ने बताया कि उनके छोटे बच्चे का स्क्रीन टाइम शून्य है। उनके बड़े बच्चों को भी फोन नहीं दिया जाता। वहीं, चैटजीपीटी की मूल कंपनी ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन भी अपने बच्चों के एआई इस्तेमाल को सीमित रखते हैं। इससे पता चलता है कि तकनीक के शीर्ष स्तर पर काम करने वाले कुछ लोग बच्चों को डिजिटल दुनिया से पूरी तरह जोड़ने के बजाय उम्र और जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कराने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

बिल गेट्स ने बच्चों को मोबाइल कब दिया?

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने बताया था कि उन्होंने अपने बच्चों को 14 साल की उम्र तक मोबाइल फोन नहीं दिया। गूगल के प्रमुख सुंदर पिचाई ने भी कहा था कि उनका 11 साल का बेटा फोन का इस्तेमाल नहीं करता था। एपल के प्रमुख टिम कुक ने अपने भतीजे को सोशल साइट्स से दूर रखने की इच्छा जताई थी। यूट्यूब के सह-संस्थापक स्टीव चेन भी चाहते थे कि उनके बच्चे चीजों को धीरे-धीरे और मेहनत से सीखें। इन उदाहरणों से टेक जगत के भीतर बच्चों के डिजिटल इस्तेमाल को लेकर सावधानी का रुख दिखता है।

सोशल मीडिया पर बच्चों की लत को लेकर विवाद क्यों है?

अमेरिका में मेटा समेत सोशल मीडिया कंपनियों पर आरोप लगाए गए हैं कि उनके प्लेटफॉर्म इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि बच्चे लंबे समय तक उनका इस्तेमाल करते रहें। आरोपों के मुताबिक फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लगातार नया कंटेंट, नोटिफिकेशन और दूसरी सुविधाएं बच्चों को बार-बार वापस आने के लिए आकर्षित करती हैं। इसी वजह से कई राज्यों में बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव और कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर बहस चल रही है।

दिमाग पर क्या असर पड़ सकता है?

ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने छोटे बच्चों के अत्यधिक डिजिटल स्क्रीन इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है। उनके मुताबिक ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित कर सकता है। चिंता सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। अब एआई के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी तकनीक के जानकार सावधानी बरतने की बात कर रहे हैं। बच्चों की उम्र और जरूरत के अनुसार डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कराने पर जोर दिया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed