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Global Layoffs Wave: मीडिया से टेक तक दुनियाभर में महाकटौती का दौर, कंपनियां क्यों घटा रही है अपना कार्यबल?

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Thu, 05 Feb 2026 12:33 PM IST
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सार

दुनिया भर में नौकरियों पर संकट गहराता जा रहा है। मीडिया से लेकर टेक सेक्टर तक बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही है। आइए जानते हैं कि 2025 में कितनी नौकरियां गईं और 2026 की शुरुआत में इस साल अब तक कितनी छंटनी हो चुकी है, साथ ही इसके पीछे की बड़ी वजहें क्या हैं?
 

From media to tech, there's a global downsizing; why are companies reducing their workforce?
दुनियाभर में क्यों हो रही छंटनी? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

दुनिया भर में नौकरियों पर संकट गहराता जा रहा है। मीडिया संस्थानों से लेकर वैश्विक टेक कंपनियों तक, हर सेक्टर में बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही है। जहां एक ओर प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने न्यूजरूम और अंतरराष्ट्रीय टीम में भारी कटौती की है। वहीं दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लागत नियंत्रण के नाम पर टेक इंडस्ट्री में भी लाखों नौकरियां खत्म की जा रही हैं।

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वॉशिंगटन पोस्ट - फोटो : Adobestock

अंतरराष्ट्रीय टीम पर सबसे गहरा असर

छंटनी का सबसे बड़ा प्रभाव वॉशिंगटन पोस्ट की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग टीम पर पड़ा है। पश्चिम एशिया की पूरी टीम को हटा दिया गया है, जबकि दिल्ली, बीजिंग, कीव, लैटिन अमेरिका और बर्लिन जैसे अहम अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो या तो बंद कर दिए गए हैं या उन्हें बेहद सीमित कर दिया गया है। यरुशलम ब्यूरो प्रमुख गेरी शिह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सात वर्षों तक दुनिया भर में रिपोर्टिंग करना उनके जीवन का खास अनुभव रहा। उन्होंने लिखा कि आज का दिन दुखद है, लेकिन हमने सच्ची पत्रकारिता की।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock

टेक सेक्टर में भी रिकॉर्ड स्तर पर नौकरियां गईं

2025 में दुनिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियों ने कुल मिलाकर 1.2 लाख से अधिक नौकरियां खत्म कर दीं। यह कटौती किसी एक देश या सेक्टर तक सीमित नहीं रही, बल्कि चिप निर्माण, आईटी सर्विसेज, टेलीकॉम, क्लाउड और सॉफ्टवेयर हर क्षेत्र में देखने को मिली। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह लागत नियंत्रण, कारोबारी पुनर्गठन और एआई पर तेजी से बढ़ता फोकस है, जो मानव श्रम की जगह ऑटोमेशन को बढ़ावा दे रहा है।

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इंटेल - फोटो : Adobestock

इंटेल

सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंटेल ने 2025 में सबसे बड़ी छंटनी की। कंपनी ने करीब 24,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया। यह कदम वित्तीय स्थिति को स्थिर करने और खुद को एक फाउंड्री-केंद्रित बिजनेस मॉडल में बदलने की रणनीति का हिस्सा बताया गया। बढ़ती प्रतिस्पर्धा और भारी निवेश लागत ने कंपनी पर दबाव बढ़ा था।

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टीसीएस - फोटो : Adobestock

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस)

भारत की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी टीसीएस ने लगभग 20,000 कर्मचारियों की छंटनी की। कंपनी ने इसे कौशल असंतुलन और एआई आधारित डिलीवरी मॉडल को अपनाने से जोड़ा। ऑटोमेशन और जनरेटिव एआई के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक आईटी भूमिकाओं की मांग में कमी आई है।

ये भी पढ़ें: क्या है नया एआई टूल जिसने आईटी सेक्टर में मचाई खलबली?: एक दिन में लाखों करोड़ डूबे, जानें क्या हुआ

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वेरिजोन - फोटो : Adobestock

वेरिजोन

अमेरिकी टेलीकॉम कंपनी वेरिजोन ने लागत घटाने और परिचालन ढांचे को सरल बनाने के लिए करीब 15,000 पदों में कटौती की। कंपनी 5G नेटवर्क और डिजिटल सेवाओं पर निवेश बढ़ा रही है, जिसके चलते पुराने ऑपरेशनल रोल्स कम किए गए।

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ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म एक्सेंचर - फोटो : Adobestock

एक्सेंचर

कंसल्टिंग और आईटी सेवाओं की वैश्विक दिग्गज एक्सेंचर ने लगभग 11,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। कंपनी का कहना है कि क्लाइंट्स की मांग अब पारंपरिक कंसल्टिंग से हटकर जनरेटिव AI और ऑटोमेशन प्रोजेक्ट्स की ओर बढ़ रही है, जिसके चलते वर्कफोर्स स्ट्रक्चर में बदलाव जरूरी हो गया।

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एसएपी - फोटो : Adobestock

एसएपी

जर्मनी की सॉफ्टवेयर कंपनी एसएपी ने 10,000 नौकरियों में कटौती की घोषणा की। कंपनी क्लाउड कंप्यूटिंग और बिजनेस एआई पर फोकस कर रही है और इसी रणनीतिक बदलाव के तहत संसाधनों का पुनर्विन्यास किया जा रहा है।

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माइक्रोसॉफ्ट - फोटो : Adobestock

माइक्रोसॉफ्ट

माइक्रोसॉफ्ट ने गेमिंग, Azure क्लाउड और अन्य डिवीजनों में करीब 9,000 पद घटाए। कंपनी का जोर लंबी अवधि के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर है, जिसके चलते कुछ टीमों का आकार घटाया गया।

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तोशिबा - फोटो : Adobestock

तोशिबा

जापान की बहुराष्ट्रीय कंपनी तोशिबा ने निजीकरण के बाद अपने पुनर्गठन अभियान के तहत 5,000 कर्मचारियों की छंटनी की। इसका मकसद संचालन को अधिक कुशल और लाभकारी बनाना बताया गया।

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सिस्को - फोटो : Adobestock

सिस्को

नेटवर्किंग उपकरण बनाने वाली सिस्को ने 4,250 नौकरियों में कटौती की। कंपनी अब साइबर सुरक्षा और एआई आधारित नेटवर्क सॉल्यूशंस पर निवेश बढ़ा रही है, जिससे पारंपरिक हार्डवेयर से जुड़ी भूमिकाएं प्रभावित हुईं।



 

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अमेजन - फोटो : Adobestock

अमेजन में 2026 की शुरुआत भी अनिश्चित

ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने 2026 की शुरुआत में ही 16,000 कॉरपोरेट कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया। इससे पहले अक्तूबर में 14,000 पद खत्म किए गए थे। यानी चार महीनों से भी कम समय में कुल 30,000 नौकरियां चली गईं।

कंपनी की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बेथ गैलेटी ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि हर कुछ महीनों में बड़े पैमाने पर छंटनी की योजना नहीं है, लेकिन बदलती कारोबारी जरूरतों के हिसाब से  समायोजन जारी रहेंगे।

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ओरेकल - फोटो : Adobestock

ओरेकल पर एआई निवेश का दबाव

तकनीक की दिग्गज कंपनी ओरेकल भी अपने इतिहास के कठिन दौर में है। ओपनएआई के साथ अरबों डॉलर की साझेदारी के बाद एआई डेटा सेंटर्स के विस्तार के लिए नकदी जुटाने का दबाव बढ़ा है। निवेश बैंक टीडी कोवेन की रिपोर्ट के अनुसार, ओरेकल 20,000 से 30,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है, जिससे कंपनी को 8 से 10 अरब डॉलर का कैश फ्लो मिल सकता है।

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डब्ल्यूईएफ - फोटो : Adobestock

नौकरियों का अंत या नया अवसर?

विश्व आर्थिक मंच के एक सर्वे के मुताबिक, दुनिया भर की 41% कंपनियां अगले पांच वर्षों में एआई के कारण अपने वर्कफोर्स में कटौती की उम्मीद कर रही हैं। हालांकि, इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बिग डेटा, फिनटेक और AI से जुड़ी नौकरियां 2030 तक दोगुनी हो सकती हैं।


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