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GIFT City Funds: गिफ्ट सिटी फंड्स सिर्फ डबल बेनिफिट नहीं, यह ग्लोबल सोच का रास्ता
प्रसाद एस शेट्टी, डायरेक्टर, एस9 फिनटेक
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 27 Apr 2026 04:55 AM IST
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सार
गिफ्ट सिटी फंड्स भारतीय निवेशकों को वैश्विक बाजारों में निवेश का आसान रास्ता देते हैं। ये फंड्स न सिर्फ ग्रोथ के नए अवसर खोलते हैं, बल्कि मुद्रा लाभ और पोर्टफोलियो विविधता भी प्रदान करते हैं। हालांकि, करेंसी जोखिम और वैश्विक उतार-चढ़ाव को समझना जरूरी है।
गिफ्ट सिटी फंड्स
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
बैंक में काम करने वाले रमेश जी अपने बेटे को विदेश भेजने की प्लानिंग कर रहे हैं। जब भी डॉलर की दर चेक करते, तो डर लगता। अगर रुपया और कमजोर हुआ तो?
फिर एक दिन दोस्त ने सलाह दी, ‘अगर डॉलर महंगा हो रहा है, तो सिर्फ चिंता क्यों, कमाई भी डॉलर में जोड़ो।’ यहीं से उनकी सोच बदली।
गिफ्ट सिटी फंड्स इसका समाधान बनकर उभरे हैं। यह सिर्फ एक नया निवेश नहीं, बल्कि रणनीतिक निवेश रणनीति है।
गिफ्ट सिटी फंड्स आखिर हैं क्या?
गुजरात में बना गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) भारत का पहला इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेस सेंटर (IFSC) है। यहां काम करने वाले म्यूचुअल फंड्स और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) को गिफ्ट सिटी फंड्स कहा जाता है।
यह कैसे काम करता है?
अगर आप GIFT City फंड में निवेश करते हैं, तो आपका पैसा सीधे भारतीय बाजार में नहीं जाएगा, बल्कि विदेशी एसेट्स में लगाया जाएगा।
फंड मैनेजर इस पूंजी को वैश्विक कंपनियों, बॉन्ड्स या अन्य निवेश साधनों में लगाता है। आसान शब्दों में कहें तो आप बिना विदेश गए, दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का हिस्सा बन जाते हैं।
गिफ्ट सिटी का असली फायदा क्या है?
ग्रोथ का फायदा: जब विदेशी निवेशक भारत में GIFT City के जरिये निवेश करते हैं, तो उन्हें भारत की विकास गाथा का लाभ मिलता है और भारत को वैश्विक पूंजी मिलती है। यह भारत के ग्रोथ इंजन को और ज्यादा मजबूत बनाता है।
वैश्विक वृद्धि : जब आप GIFT City के जरिए बाहर निवेश करते हैं, तब आपको एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल जैसी कंपनियों में हिस्सा मिलता है। S&P 500, नैस्डैक जैसी अर्थव्यवस्था में शामिल होने का मौका मिलता है।
-वैश्विक हिस्सेदारी मतलब संतुलित ग्रोथ का फायदा।
मुद्रा का लाभ: यहीं से आता है असली डबल बेनिफिट। अगर वैश्विक बाजार बढ़ता है तो आपका पैसा भी बढ़ता है और अगर रुपया कमजोर हुआ तो डॉलर में मिलने वाला रिटर्न भी और बढ़ेगा।
-एक दम साफ है, यहां ग्रोथ प्लस करेंसी दोनों साथ मिलकर काम करते हैं।
विविधता: अगर आपका पूरा पैसा भारत में है, तब आप एक ही अर्थव्यवस्था पर निर्भर हैं। लेकिन GIFT City से आपका पोर्टफोलियो वैश्विक हो जाता है और जोखिम का स्तर भी कम हो जाता है।
-मतलब, बाजार गिरता है, लेकिन आपका तनाव कम होता है।
टैक्स का लाभ: कई मामलों में गिफ्ट सिटी फंड्रस पर STT (सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स) नहीं है। इनका स्ट्रक्चर बेहतर है और कुछ निवेश में कर दक्षता बहुत ही अच्छी है। यानी आपका शुद्ध रिटर्न बेहतर हो सकता है।
लेकिन हर चीज एकदम सही नहीं हो सकती... जोखिम भी समझना जरूरी है।
सबसे बड़ा जोखिम है करेंसी का, अगर आपने डॉलर आधारित निवेश किया है और रुपये-डॉलर का संतुलन बदलता है, तो उसका सीधा असर आपके रिटर्न पर पड़ेगा।
दूसरा, आप वैश्विक बाजारों से जुड़े होते हैं, जहां घटनाएं बहुत तेजी से बदलती हैं। अमेरिका की ब्याज दरें, यूरोप की मंदी, या किसी क्षेत्र में तनाव, ये सब आपके निवेश को प्रभावित कर सकते हैं।
छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है।
किसके लिए है गिफ्ट सिटी फंड्स?
जो लोग एफडी जैसी सुविधा चाहते हैं, ये उनके लिए नहीं है।
जिनका नजरिया लंबी अवधि का है, जो वैश्विक वृद्धि चाहते हैं, जिनको सिर्फ रिटर्न नहीं, बल्कि अपने पोर्टफोलियो में स्थिरता चाहिए उनके लिए यह बेहतर विकल्प हो सकता है। हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल (HNI) और एनआरआई के साथ गंभीर निवेशक इस पर विचार कर सकते हैं।
गिफ्ट सिटी कोई ‘ट्रेंड’ नहीं है, यह एक रणनीतिक विकल्प है
पहले सवाल था: भारत में कहां निवेश करें?
अब सवाल है: भारत+दुनिया दोनों में कैसे निवेश करें?
अगर आप सिर्फ भारत में निवेश करते हैं, तो आप ग्रोथ का अवसर खो सकते हैं।
अगर सिर्फ बाहर निवेश करते हैं, तब आप भारत की वृद्धि से चूक सकते हैं।
गिफ्ट सिटी फंड्स आपको दोनों देता है, वो भी समझदारी के साथ।
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फिर एक दिन दोस्त ने सलाह दी, ‘अगर डॉलर महंगा हो रहा है, तो सिर्फ चिंता क्यों, कमाई भी डॉलर में जोड़ो।’ यहीं से उनकी सोच बदली।
गिफ्ट सिटी फंड्स इसका समाधान बनकर उभरे हैं। यह सिर्फ एक नया निवेश नहीं, बल्कि रणनीतिक निवेश रणनीति है।
गिफ्ट सिटी फंड्स आखिर हैं क्या?
गुजरात में बना गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) भारत का पहला इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेस सेंटर (IFSC) है। यहां काम करने वाले म्यूचुअल फंड्स और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) को गिफ्ट सिटी फंड्स कहा जाता है।
यह कैसे काम करता है?
अगर आप GIFT City फंड में निवेश करते हैं, तो आपका पैसा सीधे भारतीय बाजार में नहीं जाएगा, बल्कि विदेशी एसेट्स में लगाया जाएगा।
फंड मैनेजर इस पूंजी को वैश्विक कंपनियों, बॉन्ड्स या अन्य निवेश साधनों में लगाता है। आसान शब्दों में कहें तो आप बिना विदेश गए, दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का हिस्सा बन जाते हैं।
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गिफ्ट सिटी का असली फायदा क्या है?
ग्रोथ का फायदा: जब विदेशी निवेशक भारत में GIFT City के जरिये निवेश करते हैं, तो उन्हें भारत की विकास गाथा का लाभ मिलता है और भारत को वैश्विक पूंजी मिलती है। यह भारत के ग्रोथ इंजन को और ज्यादा मजबूत बनाता है।
वैश्विक वृद्धि : जब आप GIFT City के जरिए बाहर निवेश करते हैं, तब आपको एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल जैसी कंपनियों में हिस्सा मिलता है। S&P 500, नैस्डैक जैसी अर्थव्यवस्था में शामिल होने का मौका मिलता है।
-वैश्विक हिस्सेदारी मतलब संतुलित ग्रोथ का फायदा।
मुद्रा का लाभ: यहीं से आता है असली डबल बेनिफिट। अगर वैश्विक बाजार बढ़ता है तो आपका पैसा भी बढ़ता है और अगर रुपया कमजोर हुआ तो डॉलर में मिलने वाला रिटर्न भी और बढ़ेगा।
-एक दम साफ है, यहां ग्रोथ प्लस करेंसी दोनों साथ मिलकर काम करते हैं।
विविधता: अगर आपका पूरा पैसा भारत में है, तब आप एक ही अर्थव्यवस्था पर निर्भर हैं। लेकिन GIFT City से आपका पोर्टफोलियो वैश्विक हो जाता है और जोखिम का स्तर भी कम हो जाता है।
-मतलब, बाजार गिरता है, लेकिन आपका तनाव कम होता है।
टैक्स का लाभ: कई मामलों में गिफ्ट सिटी फंड्रस पर STT (सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स) नहीं है। इनका स्ट्रक्चर बेहतर है और कुछ निवेश में कर दक्षता बहुत ही अच्छी है। यानी आपका शुद्ध रिटर्न बेहतर हो सकता है।
लेकिन हर चीज एकदम सही नहीं हो सकती... जोखिम भी समझना जरूरी है।
सबसे बड़ा जोखिम है करेंसी का, अगर आपने डॉलर आधारित निवेश किया है और रुपये-डॉलर का संतुलन बदलता है, तो उसका सीधा असर आपके रिटर्न पर पड़ेगा।
दूसरा, आप वैश्विक बाजारों से जुड़े होते हैं, जहां घटनाएं बहुत तेजी से बदलती हैं। अमेरिका की ब्याज दरें, यूरोप की मंदी, या किसी क्षेत्र में तनाव, ये सब आपके निवेश को प्रभावित कर सकते हैं।
छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है।
किसके लिए है गिफ्ट सिटी फंड्स?
जो लोग एफडी जैसी सुविधा चाहते हैं, ये उनके लिए नहीं है।
जिनका नजरिया लंबी अवधि का है, जो वैश्विक वृद्धि चाहते हैं, जिनको सिर्फ रिटर्न नहीं, बल्कि अपने पोर्टफोलियो में स्थिरता चाहिए उनके लिए यह बेहतर विकल्प हो सकता है। हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल (HNI) और एनआरआई के साथ गंभीर निवेशक इस पर विचार कर सकते हैं।
गिफ्ट सिटी कोई ‘ट्रेंड’ नहीं है, यह एक रणनीतिक विकल्प है
पहले सवाल था: भारत में कहां निवेश करें?
अब सवाल है: भारत+दुनिया दोनों में कैसे निवेश करें?
अगर आप सिर्फ भारत में निवेश करते हैं, तो आप ग्रोथ का अवसर खो सकते हैं।
अगर सिर्फ बाहर निवेश करते हैं, तब आप भारत की वृद्धि से चूक सकते हैं।
गिफ्ट सिटी फंड्स आपको दोनों देता है, वो भी समझदारी के साथ।

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