Gold Silver Prices: चांदी नया रिकॉर्ड बनाकर मुनाफावसूली के कारण ऊपरी स्तरों से फिसली; सोने में दिखा यह बदलाव
Gold Silver Prices: चांदी वायदा बाजार में 2,59,692 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली का शिकार हुई। एमसीएक्स पर चांदी और सोने की कीमतों में गिरावट, फेड के संकेतों और भू-राजनीतिक तनावों का पूरा विश्लेषण पढ़ें।
विस्तार
बुलियन मार्केट में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। चांदी की कीमतों ने वायदा बाजार में 2,59,692 रुपये प्रति किलोग्राम का अब तक का सर्वोच्च स्तर छू लिया, लेकिन इसके बाद गिरावट दिखी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों के जारी होने से पहले व्यापारियों की ओर से की गई भारी मुनाफावसूली के चलते चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
एमसीएक्स पर चांदी की चाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी का अनुबंध चार दिनों की लगातार तेजी को थामते हुए 4,161 रुपये या 1.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,54,650 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। इससे पहले, बुधवार को शुरुआती कारोबार में चांदी 881 रुपये या 0.34 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,59,692 रुपये के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार को चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल आया था, जब यह 13,167 रुपये (5.35 प्रतिशत) बढ़कर 2,59,322 रुपये के स्तर पर पहुंची थी और 2,58,811 रुपये पर बंद हुई थी।
सोने की कीमतों में भी दबाव
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी सीमित दायरे में कारोबार और हल्का दबाव देखने को मिला। फरवरी डिलीवरी वाला सोना 633 रुपये या 0.46 प्रतिशत गिरकर 1,38,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का संकेत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसी तरह का रुझान दिखा। कॉमेक्स पर चांदी वायदा 1.41 डॉलर (1.74 प्रतिशत) गिरकर 79.63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी, जबकि दिन में यह 82.58 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई थी। वहीं, सोना 21 डॉलर (0.47 प्रतिशत) गिरकर 4,475.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के अनुसार, "निवेशकों ने भू-राजनीतिक जोखिमों को दरकिनार करते हुए अपना ध्यान आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर केंद्रित किया है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में दो दिनों की तेजी पर विराम लगा है"। बाजार के जानकारों की नजर शुक्रवार को जारी होने वाली दिसंबर महीने की अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट पर टिकी है। यह डेटा फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर भविष्य के दृष्टिकोण को स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभाएगा।
ब्याज दरों और भू-राजनीति का असर
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के सदस्य नील काशकारी ने संकेत दिया है कि बढ़ती बेरोजगारी ब्याज दरों में कटौती की संभावना को बढ़ा सकती है। बाजार में व्यापारी इस साल दो बार दरों में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव अब भी बाजार को निचले स्तर पर सहारा दे रहे हैं। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी ने तनाव को बढ़ा दिया है। इसके अलावा, चीन और जापान के बीच बढ़ते तनाव, विशेष रूप से बीजिंग द्वारा सैन्य उपयोग वाली वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण लगाने के बाद, सुरक्षित निवेश के रूप में बुलियन की मांग को बनाए रखा है।
फिलहाल बाजार की दिशा अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। रिकॉर्ड स्तरों पर मुनाफावसूली का आना यह दर्शाता है कि व्यापारी उच्च कीमतों पर सतर्कता बरत रहे हैं, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता के कारण कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट की संभावना सीमित नजर आ रही है।